प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा के केंद्रापड़ा जिले के एकामनिया गांव में ग्रामीणों के बैंक खातों में 50 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपये तक की बड़ी रकम अचानक जमा होने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि यह पैसा विदेशों से उनके खातों में ट्रांसफर किया जा रहा है।
गांव निवासी अनंत करण ने स्वीकार किया कि हाल ही में उनके खाते में करीब 50 लाख रुपये जमा हुए हैं। रिकॉर्ड के अनुसार, अनंत करण वर्ष 2009 में अफगानिस्तान में काम कर चुके हैं और 2011 में गांव लौट आए थे।
करीब 15 दिन पहले उनके खाते में 47 लाख रुपये जमा हुए। इसके बाद कुछ युवक उनके घर पहुंचकर इस रकम का 33 प्रतिशत हिस्सा मांगने लगे और कथित तौर पर हथियारों के बल पर उनके परिवार को धमकाने लगे।
सिर्फ अनंत करण ही नहीं, स्थानीय सूत्रों का दावा है कि इलाके के सैकड़ों युवाओं के खातों में हर महीने इस तरह की विदेशी रेमिटेंस आ रही है। जिला स्तर पर हुई शुरुआती चर्चाओं में आशंका जताई जा रही है कि यह एक संगठित नेटवर्क का काम हो सकता है, जो राजनगर से भुवनेश्वर और यहां तक कि दिल्ली तक पैसे का लेन-देन कर रहा है।
प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और किसी भी तरह की धमकी या अनियमितता की तुरंत सूचना देने को कहा है। पुलिस का कहना है कि औपचारिक शिकायत मिलने पर पूरे मामले की जांच शुरू की जाएगी और जांच आगे बढ़ने पर विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
पुलिस ने जांच का भरोसा दिलाया
केंद्रापड़ा के एसपी सिद्धार्थ कटारिया ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, एक लाभार्थी ने दावा किया, \“ओडिशा के हम जैसे कई लोग विदेशों में नौकरी करते हैं, जहां हमारी सैलरी से कुछ रकम काटी जाती है। नौकरी छोड़ने के बाद उस कटी हुई रकम की वापसी के लिए आवेदन किया जा सकता है।
मैं चार साल तक लगातार अमेरिकी सेना के अधीन काम कर रहा था। मैंने आर्मी बेस में पैसे के लिए आवेदन किया था, जो अब मेरे खाते में जमा हो गए हैं।
वहीं, जब इस मामले पर केंद्रापड़ा के एसपी सिद्धार्थ कटारिया से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा, \“इस संबंध में हमारे पास कोई रिपोर्ट या एफआईआर नहीं है। मुझे इसकी जानकारी इंटरनेट मीडिया पोस्ट के जरिए मिली है। जांच के बाद ही मैं कुछ कह सकता हूं। अगर कोई शिकायत मिलती है, तो यह पता लगाया जाएगा कि पैसा कहां से आ रहा है।\“ |
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