शिवहर - सीतामढ़ी रेल लाइन। (फोटो जागरण)
जागरण संवाददाता, सीतामढ़ी। आरटीआई कार्यकर्ता मुकुन्द प्रकाश मिश्र को प्राप्त आरटीआई के माध्यम से यह जानकारी कि सीतामढ़ी से रेवासी सेक्सन का टेन्डर अंतिम दौर में है। अन्य सेक्शन का भूमि अधिग्रहण भी अंतिम दौर में है। शिवहर - सीतामढ़ी रेल लाइन का निर्माण जनवरी 2027 तक पूरा हो सकता है, केवल एक तारीख नहीं है - यह शिवहर के लिए नई संभावनाओं की दस्तक है।
लंबे समय से लंबित इस परियोजना ने निस्संदेह स्थानीय लोगों के धैर्य की परीक्षा ली है, लेकिन अब निर्माण की दिशा में दिख रही ठोस प्रगति उम्मीद जगाती है कि यह सपना जल्द ही हकीकत में बदलने वाला है।
यह रेल लाइन शिवहर को सिर्फ सीतामढ़ी से नहीं जोड़ेगी, बल्कि उसे मुख्यधारा के विकास से भी जोड़ देगी। बेहतर कनेक्टिविटी का अर्थ है बेहतर बाजार, बेहतर शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर रोजगार के अवसर। यह परियोजना जिले के आर्थिक और सामाजिक बदलाव की मजबूत आधारशिला बन सकती है।
भूमि अधिग्रहण, तकनीकी कार्य और आधारभूत संरचना निर्माण जैसे जटिल चरण पूरे हो रहे हैं - यह दर्शाता है कि रेलवे और प्रशासन इस परियोजना को प्राथमिकता दे रहे हैं। चुनौतियां रही हैं, लेकिन समाधान भी निकलते रहे हैं। यही विकास की वास्तविक प्रक्रिया है।
स्थानीय किसानों के लिए यह रेल लाइन वरदान साबित हो सकती है। वे अपनी उपज को बड़े बाजारों तक आसानी से पहुंचा पाएंगे, जिससे उनकी आय बढ़ेगी। छात्रों और मरीजों के लिए यात्रा सरल होगी, समय और खर्च दोनों बचेंगे। छोटे व्यवसायियों को भी नए अवसर मिलेंगे।
यह समय शिकायतों का नहीं, सहयोग का है। यदि प्रशासन, जनप्रतिनिधि और नागरिक समाज मिलकर रचनात्मक भूमिका निभाएं, तो यह परियोजना तय समय पर पूरी हो सकती है।
कुछ सकारात्मक कदम जो आगे मददगार होंगे
- रेलवे द्वारा नियमित अपडेट साझा करना।
- स्थानीय प्रशासन द्वारा निगरानी और समन्वय।
- जनप्रतिनिधियों द्वारा सक्रिय पैरवी, और नागरिकों द्वारा जागरूक सहयोग।
दरअसल शिवहर - सीतामढ़ी रेल लाइन केवल एक निर्माण परियोजना नहीं है; यह शिवहर के आत्मविश्वास और भविष्य की पटरी है। अगर जनवरी 2027 में ट्रेन सीटी बजाती है, तो यह पूरे जिले के लिए विकास का नया अध्याय लिखेगी। |