वन विभाग ने घाटी के सभी वन प्रभागों में 10,290 घन फीट अवैध लकड़ी और 37 वाहन जब्त किए।
जागरण संवाददाता, श्रीनगर। वन विभाग, वन संरक्षण बल और जेके पुलिस के संयुक्त प्रयासों से पिछले चार वर्षों में लकड़ी तस्करी में लगभग 50 प्रतिशत की कमी आई है। यह कार्रवाई घाटी के वनों को बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
घाटीभर में 2025 के दौरान 324 लकड़ी तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज किया और 149 एफआईआर दर्ज कीं।दिसंबर 2025 तक 9,600 घन फुट से अधिक अवैध लकड़ी जब्त की गई। बांडीपोरा में सबसे अधिक 1,498.96 घन फुट लकड़ी जब्त की गई, उसके बाद कुपवाड़ा लंगेट में 1,495.46 घन फुट और कामराज(बारामूला) में 1,240.11 घन फुट लकड़ी जब्त की गई।
कानूनी मोर्चे पर, लंगेट और संयुक्त वन प्रभागों में 24-24 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि कामराज में 19 और पीर पंजाल में 16 मामले दर्ज किए गए। दक्षिण कश्मीर में, शोपियां में 14 मामलों में 35 आरोपियों पर मामला दर्ज किया गया, जो इस क्षेत्र में वन अपराधियों के खिलाफ निरंतर कार्रवाई को दर्शाता है।
कुल 324 दोषियों पर मामला दर्ज किया गया
वर्ष के दौरान कुल 324 दोषियों पर मामला दर्ज किया गया। पीर पंजाल रेंज में सबसे अधिक 67 आरोपी दर्ज किए गए, इसके बाद कामराज रेंज का स्थान रहा जहां 2025 में 52 व्यक्तियों पर मामला दर्ज किया गया।
आंकड़े जंगल की आग की बढ़ती चुनौती की ओर भी इशारा करते हैं। वर्ष के दौरान आग लगने की 310 घटनाएं दर्ज की गईं, जिनसे 880.77 हेक्टेयर वन भूमि प्रभावित हुई। सिंध डिवीजन में सबसे अधिक 67 घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि कुलगाम में क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे अधिक नुकसान हुआ, जहां 307 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र प्रभावित हुआ।
लिद्दर और सिंध डिवीजनों में मिलाकर 220 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र आग से प्रभावित हुआ।अधिकारियों ने वन अपराधों में इस्तेमाल किए गए 24 वाहन और चार घोड़े भी जब्त किए जो कुछ क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों के संगठित स्वरूप को रेखांकित करते हैं।
आंकड़े समस्या की गंभीरता और विभाग की सतर्कता को दर्शाते हैं
संबंधित अधिकारियों ने कहा कि ये आंकड़े समस्या की गंभीरता और विभाग की बढ़ी हुई सतर्कता को दर्शाते हैं। एक वरिष्ठ वन अधिकारी ने कहा, जब्ती और एफआईआर में वृद्धि दर्शाती है कि फील्ड स्टाफ वन कानूनों को सक्रिय रूप से लागू कर रहा है। हालांकि, आग लगने की घटनाओं की बढ़ती संख्या एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है और इसके लिए सामुदायिक भागीदारी और निवारक उपायों की आवश्यकता है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2021 में 18,000 घन फीट से अधिक लकड़ी जब्त की गई, जबकि 2022 में घाटी भर में 14,000 घन फीट से अधिक लकड़ी जब्त की गई। 2023-24 में, वन विभाग ने घाटी के सभी वन प्रभागों में 10,290 घन फीट अवैध लकड़ी और 37 वाहन जब्त किए। |