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बिहार की धरती पर आकार ले रही आस्था की ऊंची पहचान, चंदासी में बन रही देश की सबसे भव्य अर्धनारीश्वर प्रतिमा

Chikheang 2026-1-16 15:28:15 views 789
  

चंदासी में बन रही देश की सबसे भव्य अर्धनारीश्वर प्रतिमा



जागरण संवाददाता, फतुआ(पटना)। India\“s Tallest Ardhanarishwar Statue पटना से सटे चंदासी गांव में इन दिनों सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और शिल्पकला का इतिहास गढ़ा जा रहा है। गांव की शांत फिजा के बीच भारत की सबसे ऊंची अर्धनारीश्वर प्रतिमा तेजी से आकार ले रही है, जिसने निर्माण के दौरान ही श्रद्धालुओं और कला प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
निर्माणाधीन प्रतिमा ही बन गई आकर्षण का केंद्र

अब तक पूरी तरह तैयार न होने के बावजूद यह स्थल लोगों की आस्था का केंद्र बन चुका है। सुबह से शाम तक श्रद्धालु, स्थानीय लोग और पर्यटक यहां पहुंचकर इस अद्भुत रचना को निहार रहे हैं। कई लोग इसे बिहार की धार्मिक पहचान को नई ऊंचाई देने वाला प्रोजेक्ट बता रहे हैं।
108 फीट ऊंचा अर्धनारीश्वर, शिव-शक्ति का विराट स्वरूप

इस निर्माण की सबसे खास बात है 108 फीट ऊंची अर्धनारीश्वर की मुख्य प्रतिमा। भगवान शिव और माता पार्वती के एकीकृत स्वरूप को इतनी विशाल ऊंचाई पर गढ़ना अपने आप में एक बड़ी चुनौती है।

प्रतिमा के एक ओर 40 फीट ऊंचे भगवान कार्तिकेय और दूसरी ओर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की जा रही है, जो शिव परिवार की संपूर्णता को दर्शाती है।
मुख्य द्वार पर पौराणिक वैभव की झलक

मंदिर का प्रवेश द्वार श्रद्धालुओं को पहली ही नजर में मंत्रमुग्ध कर देता है। यहां विशाल सर्प और शेर की प्रतिमाएं शक्ति और संरक्षण का प्रतीक बनकर खड़ी हैं। द्वार के दोनों ओर सजे हाथी और उनके साथ महावतों की मूर्तियां ऐसी प्रतीत होती हैं मानो किसी राजसी मंदिर में प्रवेश हो रहा हो।
प्रतिमा के नीचे मंदिर, कला और भक्ति का संगम

अर्धनारीश्वर प्रतिमा के ठीक नीचे बनाया जा रहा मंदिर स्थापत्य कला का बेहतरीन उदाहरण है। मंदिर की दीवारों पर झूमर जैसी नक्काशी, फूलों और पारंपरिक आकृतियों के बारीक डिजाइन उकेरे गए हैं। यहां कई भव्य सिंहासन भी तैयार किए जा रहे हैं, जिन पर शिव परिवार की अन्य मूर्तियां स्थापित होंगी।
एक ही पत्थर से तराशी गई संरचना जैसा अहसास

निर्माण कार्य में जुटे कारीगरों के अनुसार, पूरी संरचना को स्टोन फिनिश भूरे रंग में रंगा जाएगा। इससे ऐसा प्रतीत होगा मानो पूरी मंदिर और प्रतिमा एक ही विशाल पत्थर को काटकर बनाई गई हो। यह तकनीक मंदिर को और अधिक भव्य व ऐतिहासिक रूप देने वाली है।
धार्मिक पर्यटन का नया केंद्र बनने की उम्मीद

स्थानीय लोगों का मानना है कि अर्धनारीश्वर प्रतिमा के पूर्ण होने के बाद चंदासी गांव न सिर्फ बिहार, बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थल बन सकता है।

इससे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नया बल मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

आस्था और शिल्पकला के इस अनोखे संगम ने चंदासी गांव को मानो मानचित्र पर नई पहचान दे दी है।
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