दिल्ली में चलना है इतना खतरनाक, पिछले साल 649 पैदल यात्रियों की मौत
मोहम्मद साकिब, नई दिल्ली। राजधानी में सड़क हादसों के सबसे बड़े शिकार पैदल चलने वाले यात्री बन रहे हैं। हालिया आंकड़ों के अनुसार, बीते वर्ष कुल 2,192 सड़क हादसों में 649 पैदल यात्रियों की मौत हुई, जबकि 1,738 लोग घायल हुए।
इनमें बड़ी संख्या उन लोगों की भी है जो लापरवाही से सड़क पार करते समय तेज रफ्तार या नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की चपेट में आ गए। यह स्थिति सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली यातायात पुलिस ने नेशनल रोड सेफ्टी माह 2026 के तहत बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान शुरू किया है। \“सुरक्षित सड़कें, सुरक्षित जिंदगी\“ के संदेश को आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से राजधानी में वाकथान का आयोजन किया जा रहा है।
यह अभियान एक जनवरी से 31 जनवरी तक पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में चलाया जा रहा है, जिसकी निगरानी यातायात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं। यातायात पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त सत्यवीर कटारा के मुताबिक, वाॅकथान का मुख्य उद्देश्य सड़क अनुशासन, ट्रैफिक नियमों के पालन और विशेष रूप से पैदल चलने वालों की सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
शुक्रवार को आयोजित वाॅकथान में माह के पहले पखवाड़े के दौरान करीब दो हजार प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसमें स्कूल-काॅलेज के छात्र, एनसीसी कैडेट, स्वयंसेवी संगठन, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न काॅरपोरेट स्टेकहोल्डर शामिल रहे। वाॅकथान ट्रैफिक ट्रेनिंग पार्क, बाबा खड़क सिंह मार्ग से शुरू होकर कनाट प्लेस से होते हुए वापस ट्रैफिक ट्रेनिंग पार्क में खत्म हुई।
पैदल चलने वालों की सुरक्षा पर जोर
इस वाकथान का मुख्य उद्देश्य पैदल चलने वालों की सुरक्षा के महत्व को बताना और यह संदेश देना था कि सड़कें सभी के लिए, खासकर पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित होनी चाहिए। इस पहल में जिम्मेदार ड्राइविंग, पैदल चलने वालों का सम्मान और जान के नुकसान को रोकने के लिए ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करने पर जोर दिया गया।
प्रतिभागियों ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर सुरक्षित सड़क व्यवहार का संदेश दिया और लोगों से जेब्रा क्रासिंग का इस्तेमाल करने, ट्रैफिक सिग्नल का पालन करने और मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए सड़क पार न करने की अपील की।
बीते वर्ष पैदल चलने वालों की मौत
किस वाहन की चपेट में आए हादसे घायल मौत
एंबुलेंस
2
2
0
डीटीसी बस
42
38
9
मिनी बस
1
1
0
अन्य बस
32
22
15
दूसरे राज्यों की बस
4
0
4
स्कूली बस
1
1
0
निजी कार
477
448
92
क्लस्टर बस
12
7
6
क्रेन
12
11
2
डिलीवरी वैन
20
18
6
ई-रिक्शा
76
61
16
ग्रामीण सेवा
3
3
0
भारी मालवाहक वाहन
87
52
43
मिलिट्री वाहन
1
0
1
स्कूटर / मोटरसाइकिल
472
431
75
टैंकर
4
3
2
टैक्सी
18
16
3
टैंपो
80
64
25
ट्रैक्टर
12
7
6
ट्रेलर / कंटेनर
3
1
2
ऑटो रिक्शा
62
54
12
अज्ञात वाहन
771
498
330
सड़क सुरक्षा कोई एक दिन की पहल नहीं है, बल्कि एक लगातार चलने वाला मिशन है, जो पूरे नेशनल रोड सेफ्टी महीने और उसके बाद भी एक्टिव रहेगा और \“\“सुरक्षित यात्रा, सुरक्षित जीवन\“\“ के साझा लक्ष्य की ओर बढ़ेगा।
- सत्यवीर कटारा, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त यातायात
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