Blood donation Bihar: स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने उठाया कदम!
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। Bihar blood storage unit: बिहार में मरीजों को समय पर खून उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है। सात निश्चय–3 कार्यक्रम के तहत राज्य के 180 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित की जाएगी। इसका उद्देश्य स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देना और थैलेसीमिया, डेंगू, दुर्घटना व जटिल प्रसव जैसे मामलों में मरीजों को तुरंत रक्त उपलब्ध कराना है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार चयनित स्वास्थ्य केंद्रों में ब्लड स्टोरेज यूनिट की स्थापना के लिए आवश्यक उपकरणों की आपूर्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे प्रखंड स्तर पर ही रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और मरीजों को जिला या बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
उत्तर बिहार को मिलेगा विशेष लाभ
इस योजना के तहत उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, सीतामढ़ी और पश्चिम चंपारण जिले में पांच-पांच सीएचसी का चयन किया गया है। वहीं पूर्णिया और गया जी जिले में सबसे अधिक छह-छह सीएचसी में ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित होगी।
स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर समस्तीपुर जिला रेडक्रास सोसाइटी में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट स्थापित करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। जिले में यह पहली ऐसी यूनिट होगी, जिसके लिए आवश्यक उपकरणों की आपूर्ति पूरी हो चुकी है।
एक यूनिट रक्त से कई जिंदगियां बचेंगी
ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट के माध्यम से पूरे रक्त को लाल रक्त कोशिकाएं, प्लेटलेट्स और प्लाज्मा जैसे घटकों में अलग किया जाता है। इससे एक ही यूनिट रक्त का उपयोग अलग-अलग जरूरतमंद मरीजों के इलाज में किया जा सकेगा। यह सुविधा विशेष रूप से थैलेसीमिया, डेंगू और गंभीर रक्तस्राव से पीड़ित मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होगी।
मातृत्व मृत्यु दर में भी आएगी कमी
सीएचसी स्तर पर ब्लड स्टोरेज यूनिट स्थापित होने से गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान रक्त की कमी के कारण रेफर करने की मजबूरी नहीं रहेगी। इससे मातृत्व मृत्यु दर कम करने में भी मदद मिलेगी। दुर्घटना, सर्जरी और अन्य गंभीर बीमारियों के मामलों में भी आपातकालीन सेवाएं मजबूत होंगी।
सिविल सर्जन डॉ. एसके चौधरी ने बताया कि राज्य स्तर से इस संबंध में पत्र जारी कर दिया गया है और जिले में योजना को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल रक्त की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि उसकी गुणवत्ता और सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी। |
|