जवाद अहमद सिद्दीकी।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राऊज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश की अदालत में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लान्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में अल फलाह ग्रुप के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। ईडी ने इस मामले में अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट को भी आरोपित बनाया गया है।
ईडी के अनुसार, जांच की शुरुआत दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज दो प्राथमिकी के आधार पर की गई थी। इन प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि अल फलाह विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) से मान्यता होने का झूठा दावा किया था।
एजेंसी का कहना है कि विश्वविद्यालय और उससे जुड़े शिक्षण संस्थानों ने समाप्त हो चुकी एनएएसी ग्रेडिंग को प्रचारित कर छात्रों और अभिभावकों को गुमराह किया। ईडी ने अदालत को बताया कि पीएमएलए के तहत जांच के दौरान उसने कुछ संपत्तियों को कुर्क भी किया है। एजेंसी का दावा है कि यह संपत्तियां अपराध से अर्जित धन से जुड़ी हुई हैं।
इससे पहले ईडी ने अदालत को जानकारी दी थी कि जावेद अहमद सिद्दीकी को अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट से जुड़े मनी लांड्रिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। यह ट्रस्ट विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध शैक्षणिक संस्थानों का संचालन करता है।
ईडी का आरोप है कि विश्वविद्यालय की फर्जी या समाप्त हो चुकी मान्यताओं को दिखाकर छात्रों और अभिभावकों को गुमराह किया गया और इसी आधार पर वसूली गई फीस को मनी लाड्रिंग के जरिए वैध रूप देने की कोशिश की गई।
एजेंसी के मुताबिक, वित्तीय जांच में यह सामने आया है कि संबंधित अवधि में एकत्र की गई राशि का संबंध इन्हीं फर्जी दावों से है, जिसे पीएमएलए के तहत अपराध की आय माना जा सकता है।
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