बि लखते पंचायतकर्मी के स्वजन
संवाद सहयोगी, जागरण, पुवायां। चार दिन से लापता भम्मापुर गांव निवासी बंडा नगर पंचायतकर्मी अरवेश कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। शुक्रवार सुबह शव झाड़ियों में शव पड़ा मिला। जूते व स्वेटर कुछ दूरी पर पड़े थे, जबकि बाइक गायब है। शरीर पर चोट के निशान नहीं हैं, लेकिन मौके की परिस्थितियों को देखते हुए स्वजन ने हत्या कर शव फेंकने की आशंका जतायी है। हालांकि किसी पर शक नहीं जताया है।
नगर पंचायत बंडा में आउटसोर्सिंग पर तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अरवेश 13 जनवरी को बाइक से ड्यूटी जाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे थे। उनके मोबाइल पर काल की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद गुमशुदगी दर्ज कराई गई। शुक्रवार को उनका शव संजयनगर गांव की ओर जाने वाले मार्ग किनारे झाड़ियों में पड़ा मिला। कुछ दूरी पर स्वेटर व जूते पड़े थे।
अरवेश के स्वजन को जब इसके बारे में पता चला, तो वह मौके पर पहुंच गए। भाई सुनील ने शव की पहचान कर ली। घटना स्थल पर बाइक नहीं मिली। जानकारी करने पर पता चला कि अरवेश मंगलवार को ड्यूटी पर भी नही पहुंचे थे। ऐसे में स्वजन ने हत्या की आशंका जताते हुए कार्रवाई की मांग की।
सुनील के मुताबिक भाई की जेब में करीब तीन हजार रुपये थे, लेकिन मौके पर 260 रुपये ही मिले हैं। घटनास्थल से कुछ दूरी पर शराब की दुकान व राजकीय कृषि फार्म भी है। स्वजन आशंका जता रहे हैं कि अरवेश के साथ शराब पीने के बाद किसी ने हत्या कर शव झाड़ियों में फेंक दिया है।
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की लेकिन कोई साक्ष्य नहीं मिला। अरवेश की छह वर्ष की बेटी आरोही, तीन वर्ष की सुरभि हैं। इन दोनों बेटियों की पूरी जिम्मेदारी पत्नी रूची देवी पर आ गई है। प्रभारी निरीक्षक रवि करन सिंह ने फारेंसिक टीम को भी बुलाया। ताकि घटना स्थल पर कुछ साक्ष्य जुटाए जा सकें। अरवेश चार भाइयों में सबसे छोटे थे।
दो दिन पुराना लग रहा शव
घटना स्थल की परिस्थितियां सीधे तौर पर हत्या की ओर इशारा कर रहीं हैं। शव दो दिन पुराना लग रहा है। हालांकि शरीर पर कहीं चोट के निशान नहीं मिले है। ऐसे में माना जा रहा है कि गला दबाकर या फिर कुछ जहरीला पदार्थ खिलाकर हत्या की गई। जबकि पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकता है। जांच की जा रही है। स्वजन जो तहरीर देंगे उस आधार पर प्राथमिकी पंजीकृत कराई जाएगी।
- रवि किरन सिंह, प्रभारी निरीक्षक
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