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इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
प्रेम शंकर मिश्रा, मुजफ्फरपुर । Property Registration and Mutation Problem Bihar : राज्य में जमीन के दाखिल-खारिज के आवेदनों को लटकाकर भूधारियों का दोहन कई स्तर से किए जाने के मामले सामने आए हैं। आवेदनों में आपत्ति डालकर लटकाने के मामले अंचल स्तर पर किए जाने की बात भी सामने आई है।
यहां तक कि अंचलाधिकारी स्तर से भी आपत्ति डालकर मामले को लटकाए जाने के गंभीर मामले पकड़े गए हैं। इस तरह की अनियमितता को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने गंभीरता से लिया है।
सचिव जय सिंह ने राज्य के सभी जिले के समाहर्ताओं को पत्र जारी कर कहा है कि अंचलाधिकारी स्तर से बिना ठोस आधार के स्वत: आपत्ति डाली जाती है तो इसे कदाचार माना जाएगा।
जारी पत्र में सचिव ने लिखा है कि भूमि सुधार जन कल्याण संवाद में आनलाइन दाखिल-खारिज के आवेदनों के निष्पादन में कई तरह की अनियमितताएं सामने आईं। इसमें निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जा रहा है।
वादों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है। इससे अंचल कार्यालय की कार्य पद्धति पर सवाल उठ रहे हैं। आवेदन के आम खास सूचना निर्गत होने के बाद 14 दिनों की नोटिस अवधि में कोई आपत्ति नहीं आती है तो सीओ स्वयं आधारहीन आपत्ति डालकर इसे सुनवाई में डाल देते हैं।
कुछ मामलों में यह पाया गया कि अंचल स्तर पर असामाजिक तत्व द्वारा बिना आधार या उस वाद में बिना लगाव के आपत्ति दर्ज करा देते हैं। निर्धारित समय सीमा में मामलों का निष्पादन होने की जगह जान बूझकर इन वादों को लंबित रखा जाता है।
14 दिनों में नहीं आए आपत्ति तो सीओ तत्काल आवेदनों का निष्पादन
सचिव ने सभी समाहर्ताओं को निर्देश दिया है कि अगर आम सूचना प्रकाशित होने के 14 दिनों में कोई आपत्ति नहीं आती है तो संबंधित सीओ तत्काल उसका निष्पादन करें। अगर सरकारी खात या खेसरा से संबंधित मामला हो तो सीओ आपत्ति दर्ज करें।
अन्य मामले में बिना ठोस आधार आपत्ति को कदाचार माना जाएगा। वहीं दूसरा भी कोई व्यक्ति बिना ठोस आधार के आपत्ति डालता है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें। सभी अंचलाधिकारियों को यह चेतावनी दी गई है कि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी सामने आई तो कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। |
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