सीएम ममता बनर्जी ने सिलीगुड़ी में किया महाकाल महातीर्थ मंदिर का शिलान्यास (फाइल फोटो)
जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को सिलीगुड़ी में \“महाकाल महातीर्थ मंदिर\“ का शिलान्यास किया। इसे देश का सबसे बड़ा महाकाल मंदिर बनाने की घोषणा करते हुए ममता बनर्जी ने हिंदू रीति-रिवाजों और शास्त्रीय विधि-विधानों में अपनी आस्था का जिक्र करते हुए नाम लिए बगैर भाजपा पर तंज भी कसा।
चुनाव के पहले बंगाल में दूसरे विशाल मंदिर निर्माण परियोजना का शुभारंभ कर हिंदू मतदाताओं को अपना संदेश पहुंचाने की कोशिश की। ममता ने कहा कि किसी को यह नहीं सोचना चाहिए कि मैं पंचांग या तिथि नहीं देखती। चार बजकर 15 मिनट के बाद शुभ मुहूर्त था, इसलिए मैं उसी के अनुसार आई हूं।
कहा कि वह हिंदू रीति-रिवाजों और शास्त्रीय समय का पूरा सम्मान करती हैं। इसके पहले पिछले माह कोलकाता में भव्य दुर्गा मंदिर के निर्माण का शुभारंभ किया था। 12 ज्योतिर्लिंगों के आकार में 12 अलग-अलग मंदिर यह महाकाल महातीर्थ मंदिर करीब 17.41 एकड़ जमीन पर बनेगा।
इसका मुख्य आकर्षण भगवान शिव की 216 फुट ऊंची विशाल प्रतिमा होगी। परिसर में भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों के अनुरूप 12 अलग-अलग मंदिर और उनमें 12 शिवलिंग स्थापित किए जाएंगे। यह तीर्थस्थल एक लाख श्रद्धालुओं की क्षमता वाला होगा।
इसके अलावा यहां एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का कन्वेंशन सेंटर भी बनेगा, जो धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा।344 करोड़ से अधिक का बजट आवंटितसरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 344.2 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जो राज्य में किसी मंदिर परिसर के लिए अब तक की सबसे बड़ी राशि है।
ममता बनर्जी ने दार्जिलिंग की पहाडि़यों पर स्थित महाकाल मंदिर से प्रेरणा लेकर सिलीगुड़ी में इस परियोजना को शुरू करने की घोषणा की थी। लक्ष्य है कि ढाई साल के अंदर निर्माण पूरा हो जाए।
- महाकाल महातीर्थ मंदिर का एरिया- 17.41 एकड़
- मंदिर प्रोजेक्ट के लिए बजट- 344.2 करोड़
- भगवान शिव की प्रतिमा की ऊंचाई- 216 फुट
- परिसर में भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों के अनुरूप 12 मंदिर
- एक लाख श्रद्धालुओं की क्षमता वाला होगा तीर्थस्थल
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