प्रतीकात्मक चित्र
जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर। पारिवारिक कलह एवं मतभेद के कारण तीन वर्ष से अलग रहने वाले दंपती की लड़ाई खूनी अंजाम तक पहुंच गई। शुक्रवार को दरवाजे के सामने से भैंस निकालने पर मायादेवी ने विरोध किया तो पति महाराज सिंह हमलावर हो गया। आरोप है कि उसने डंडों से पीटकर उनकी हत्या कर दी। घटना के समय बड़ा बेटा हरिसुमिरन भी पिता का साथ दे रहा था। देर रात तक पुलिस दोनों की तलाश में जुटी रही मगर, सफलता नहीं मिल सकी।
नवदिया जोधपुर गांव निवासी महाराज सिंह व मायादेवी की शादी 25 वर्ष पहले हुई थी। 22 वर्ष दोनों एक छत के नीचे रहे मगर, तीन वर्ष से अलगाव हो गया। महाराज सिंह पुराने मकान में रहता है, जबकि मायादेवी छोटे बेटे अतुल के साथ 50 मीटर दूर दूसरे मकान में रहने लगी थीं। पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच आए दिन छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा होता था।
शुक्रवार देर शाम महाराज सिंह ने घर में बंधी भैंस खोली, उसे पास में पशुशाला में लेकर जा रहे थे। वह जैसे ही मायादेवी के दरवाजे पर पहुंचे तो उन्होंने टोक दिया। उनका कहना था कि भैंस दरवाजे पर गंदगी करते हुए जा रही, इसलिए दूसरे रास्ते से लेकर जाएं। इसी बात पर दोनों के बीच बहस होने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विवाद से बौखलाए महाराज सिंह ने मायादेवी को पीटा।
प्रतिक्रिया स्वरूप मायादेवी ने भी उसके शौचालय की ईंटें गिरा दीं। इतने में महाराज सिंह डंडा उठाकर लाया और मायादेवी पर ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए। वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गईं, तब आसपास के बीच बीच-बचाव करने पहुंचे। आरोप है कि उस समय हरिसुमिरन भी वहीं था। घटना के बाद दोनों आरोपित भाग गए। बाद में पहुंची पुलिस, चीनी मिल पर गन्ना डालने गए अतुल भी लौट आए।
पुलिस ने महाराज के मकान में छापेमारी की तो वहां सिर्फ हरिसुमिरन की पत्नी मोमा देवी मिली। उनका कहना था कि 25 बीघा भूमि का सास व ससुर में आधा-आधा बंटवारा हो गया था। दोनों लोग भैंस पालन करके दूध का व्यापार करने लगे थे।
उनका कहना था कि पति व ससुर ने हत्या नहीं की है। सीओ ज्योति यादव ने बताया कि पति के डंडा मारने से मायादेवी की मृत्यु हुई है। उसका बड़ा बेटा भी घटना के समय मौके पर था। तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
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