प्राचार्य को कुर्सी पर बैठाते डीएम
संवाद सहयोगी, जागरण, चंदौसी। एसएम डिग्री कालेज में शुक्रवार को प्राधिकृत नियंत्रक एवं डीएम डा. राजेंद्र पैंसिया ने पुन: कालेज का भ्रमण किया। कालेज के कार्यवाहक वरिष्ठ लिपिक लोकेश कुमार को पूर्व में सूचना देने के बाद भी विधि सलाहकार कक्ष की चाबी और दस्तावेज उपलब्ध न कराने पर फटकार लगाई।
एडीएम प्रदीप वर्मा के माध्यम से रद प्रबंध कमेटी के सचिव संजय अग्रवाल को फोन पर कालेज संबंधित आवश्यक दस्तावेज शनिवार तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अपनी मौजूदगी में विधिक सलाहकार के कक्ष का ताला कटवाकर प्राचार्य डा. दानवीर सिंह को बैठाया। चंदौसी के एसएम डिग्री कालेज के प्रबंधन कमेटी को शासन ने रद्द कर डीएम को कालेज का प्राधिकृत नियंत्रक नियुक्त किया है।
इसी क्रम में डीएम ने शुक्रवार को दूसरी बार भ्रमण किया। यहां कालेज के दस्तावेज चेक कर रहे एडीएम प्रदीप वर्मा से कार्य की प्रगति के बारे में पूछा। एडीएम ने बताया कि कालेज और सोसाइटी से संबंधित आवश्यक दस्तावेज कालेज में नहीं मिले। इसके अलावा आय व्यय का लेखा-जोखा भी नहीं मिला।
इस पर डीएम ने कार्यवाहक वरिष्ठ लिपिक लोकेश कुमार को फटकार लगाई। साथ ही पूर्व के आदेश का पालन न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके बाद अ डीएम ने कहा कि कालेज के माहौल को खराब नहीं होने देंगे। शासन ने उन्हें नियंत्रक बनाया है, तो उनकी जिम्मेदारी है कि कालेज में शिक्षा का बेहतर माहौल बने।
उन्होंने कार्यवाहक वरिष्ठ लिपिक को आदेश दिए कि कालेज में विवादित लोगों अपने काम से संबंध रखें। किसी भी तरह की राजनीति और विवाद होने पर निश्चित कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा भी कालेज की व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक निर्देश डीएम ने दिए। डीएम ने कहा कि वह शासन के द्वारा नियुक्त नियंत्रक हैं। कालेज के हित में कार्य करेंगे।
कालेज का मैदान अब आम लोगों के लिए भी खुलेगा
डीएम डा. राजेंद्र पैंसिया ने शुक्रवार को प्राचार्य डा. दानवीर सिंह को निर्देश दिए कि कालेज के मैदान को आम लोगों के लिए खोला जाए, ताकि लोग सुबह शाम टहल सकें। युवा मैदान में खेलकूद के अलावा अपनी फिजिकल तैयारी कर सकें। कहा कि गार्ड तैनात किए जाएं। जिससे लोग मैदान से कालेज परिसर में न पहुंचे। अभी तक कालेज के मैदान में सिर्फ संबंधित छात्र ही अभ्यास कर सकते थे।
वेतन देने के दिए निर्देश
प्रबंधन कमेटी ने प्राचार्य डा. दानवीर सिंह, प्रोफेसर गीता शर्मा और प्रोफेसर प्रवीन कुमार को निलंबित किया था। इसके बाद प्राचार्य को बर्खास्त कर दिया। लेकिन विश्व विद्यालय के तीनों की निलंबन और बर्खास्त के आदेश को रद्द कर दिया। ऐसे में प्राचार्य और प्रोफेसर को वेतन नहीं मिला था। डीएम ने वेतन देने के लिए वरिष्ठ लिपिक को प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए।
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