छात्रा को न्याय दिलाने के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन करते एबीवीपी के सदस्य।
मोेहित पांडे्य, चंडीगढ़। लुधियाना में छात्रा की मौत के मुद्दे ने चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) में तूल पकड़ लिया। छात्र संगठनों में टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन (पीएसयू) ललकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
छात्रा को न्याय दिलाने के लिए पीयू में एबीवीपी ने प्रदर्शन किया। एबीवीपी ईकाई के अध्यक्ष आशीष शर्मा ने कहा कि छात्रा पीएसयू ललकार से जुड़ी थी। उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे पंजाब समेत देशभर के छात्र समाज को झकझोर कर रख दिया है। यह कोई सामान्य मामला नहीं, बल्कि एक ऐसी बेटी की आवाज है जिसे कथित रूप से संगठित उत्पीड़न के चलते चुप करा दिया गया।
आशीष का कहना है कि छात्रा की मां ने पीएसयू ललकार से जुड़े लोगों पर बेटी के मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न, दबाव, शोषण और मौत के लिए जिम्मेदार होने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ऐसे में जो छात्र संगठन स्वयं अपनी छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकता वह छात्र हितों की बात करने का नैतिक अधिकार खो देता है।
आशीष का कहना है कि पूर्व में भी पीएसयू ललकार से जुड़े मामलों में छात्रों की आत्महत्या, मृत्यु जैसे आरोप सामने आ चुके हैं, जो इस पूरे घटनाक्रम को और गंभीर बनाते हैं। एबीवीपी यह भी प्रश्न करता है कि जो संगठन दिन-रात महिला अधिकारों और नारीवाद की बात करता है, वह आज अपनी ही छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर मौन क्यों है?
एबीवीपी यह स्पष्ट करती है कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक विचारधारा के खिलाफ नहीं, बल्कि छात्राओं की गरिमा, सुरक्षा और न्याय के लिए है। छात्रा को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा और तब तक आवाज उठाती रहेगी, जब तक सच्चाई सामने नहीं आती और दोषियों को दंड नहीं मिलता। |