ई-ऑफिस संचालन न करने पर 900 शिक्षाधिकारियों-कर्मचारियों का वेतन रोका।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। सरकार की प्राथमिकता के बावजूद सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा ई-ऑफिस पर काम न किए जाने को लेकर सख्ती शुरू हो गई है। लापरवाही इतनी है कि इस व्यवस्था का पालन तो दूर की बात बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारियों ने अब तक अपना लॉगिन तक नहीं किया है।
अकेले बेसिक शिक्षा विभाग में ही अपर बेसिक शिक्षा निदेशक से लेकर बीएसए, खंड शिक्षा अधिकारी और कर्मचारी तक ऐसे 900 लोग हैं। अब बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने सभी को तत्काल ई-ऑफिस का क्रियान्वयन करने के आदेश दिए हैं और आदेश का पालन होने तक संबंधित का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।
जनता की सुविधा के लिए प्रदेश सरकार सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस के संचालन पर जोर दे रही है। लापरवाही की शिकायतों के बाद पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लापरवाही पर वेतन रोकने के निर्देश दिए थे।
वहीं 14 जनवरी को मुख्य सचिव एसपी गोयल ने इस व्यवस्था के क्रियान्वयन की समीक्षा में भी नाराजगी जताते हुए वेतन रोकने की चेतावनी दी थी। कहा था कि ई-ऑफिस को सभी जिलों में प्रभावी रूप से लागू किया जाना अनिवार्य है।
शासन की सख्ती के बाद अब विभागों में इसका प्रभाव दिखना शुरू हो गया है। बेसिक शिक्षा निदेशक ने सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक, बीएसए को पत्र भेजकर ई-ऑफिस का क्रियान्वयन करने को कहा है।
वहीं अपर शिक्षा निदेशका बेसिक कामता राम से प्रकरण में स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ई-ऑफिस का क्रियान्वयन होने तक संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को वेतन न आहरित किया जाए। |
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