जागरण संवाददाता, इटावा। जसवंतनगर थाना क्षेत्र के ग्राम पड़रपुरा में सड़क दुर्घटना के बाद हुए विवाद के बाद सैफई सीओ कार्यालय में तैनात एक सिपाही पर निर्दोष ग्रामीण को हिरासत में लिए जाने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय पहुंचकर सिपाही के खिलाफ कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रार्थना पत्र सौंपा।
ग्रामीणों के अनुसार 17 जनवरी 2026 को सुबह लगभग 10 बजे ग्राम पड़रपुरा के सामने सैफई रोड पर बने सड़क ब्रेकर पर एक वृद्ध की बाइक पीछे से आ रही स्कूटी से टकरा गई। आरोप है कि स्कूटी सवार व्यक्ति ने स्वयं को सैफई सीओ कार्यालय में तैनात सिपाही होने का रौब दिखाते हुए दुर्घटना के बाद वृद्ध से अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने स्थिति को संभालते हुए वृद्ध को इलाज के लिए सैफई अस्पताल भेजा।
कमलेश यादव और सिपाही के बीच बढ़ गई कहासुनी
गांव निवासी कमलेश यादव और उक्त सिपाही के बीच कहासुनी बढ़ गई, जो मारपीट तक पहुंच गई। जसवंतनगर पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच किए बिना ही कमलेश यादव के बड़े भाई श्रीनिवास यादव को हिरासत में ले लिया, जबकि वे घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं थे।
हिरासत में लिए गए श्रीनिवास यादव की पत्नी शीला यादव ने एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव कार्यालय में पहुंची हालांकि एसएसपी मौके पर नहीं थे। वहां मौजूद स्टाफ को प्रार्थना देकर कहा कि उनके पति पूरी तरह निर्दोष हैं। ग्रामीणों की मांग है कि सिपाही की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए, निर्दोष को तत्काल छोड़ा जाए और पूर्व की घटनाओं को भी जांच के दायरे में लिया जाए। |
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