ऑटो और उसमें मिले जले हुए कंकाल की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया।
जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। ट्रोनिका सिटी क्षेत्र में 14 जनवरी को जली हुई हालत में मिले ऑटो और उसमें मिले जले हुए कंकाल की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। आटो में मिले शव की शिनाख्त आटो चालक के रूप में हुई है। उसकी हत्या दोस्तों ने ही दिल्ली के एक तांत्रिक के कहने पर टोना-टोटका के चक्कर बलि के रूप में सिर में सिलेंडर मारकर कर दी थी।
आरोपितों ने पहचान मिटाने के लिए आटो समेत शव को जला दिया था। दिल्ली ने ईश्वर से साक्षात्कार कराने और इसके बाद मालामाल होने के लिए मानव बलि के लिए कहा था। आरोपितों को विश्वास था कि आटो चालक उनमें से किसी की बलि ले सकता है, इसलिए खुद कोबचाने के चक्कर में आरोपितों ने अपने ही दोस्त की हत्या कर दी थी।
पुलिस ने मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है जबकि एक आरोपित अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। आरोपितों के पास से पुलिस ने घटना में प्रयुक्त सिलेंडर बरामद किया है।
एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि 14 जनवरी को ट्रोनिका सिटी के घिठोरा रोड के किनारे जंगल में एक आटो पूरी तरह से जली हालत में मिला था। आटो की पिछली सीट पर एक मानव कंकाल मिला था। शव इतनी बुरी तरह से जला हुआ था कि यह पुरुष का है या महिला का ये भी पता नहीं लगाया जा सका था।
पुलिस ने मौके पर फोरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य एकत्र किए और आटो के रजिस्ट्रेशन व चैसिस नंबर से मृतक की पहचान लोनी के विकास नगर के निवासी नवीन के रूप में की। नवीन चार दिन से लापता चल रहा था। इस संबंध में नवीन के भाई नितिन ने शुक्रवार को भाई के लापता होने और हत्या की आशंका जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसके बाद पुलिस ने जांच के दौरान शुक्रवार देर रात को दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। एसीपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपितों में लोनी निशांत कालोनी का पवन और सागर उर्फ पंडित हैं। पवन मूलरूप से खेकड़ा बागपत का और सागर ग्राम बामनौली थाना दोघट बागपत का रहने वाला है। जबकि घटना में शामिल आरोपिताें का साथी नसीम निवासी पंचलोक कालोनी ट्रोनिका सिटी अभी फरार है।
एसीपी ने बताया कि मृतक नवीन और पवन, सागर व नसीम आपस में दोस्त थे। नवीन और नसीम अपना-अपना आटो चालाते थे। पूछताछ में अारोपितों ने बताया कि नवीन दिल्ली के एक तांत्रिक के पास जाता था। घटना से पूर्व नवीन तीनों को अपने साथ तांत्रिक के पास ले गया था। जहां नवीन से बातचीत में तांत्रिक ने कहा था कि अगर वह अपने किसी करीबी की बलि दे दे तो वह न सिर्फ माला-माल हो सकता है, बल्कि उसका ईश्वर से भी साक्षात्कार भी हो जाएगा।
आरोपितों का कहना है कि उन्होंने तांत्रिक की यह बात सुन ली थी। यहां से चारों वापस लौट आए और उन्हें यकीन था कि नवीन माला-माल होने के लिए उनमें से किसी एक बलि देगा। आरोपितों ने बताया कि इसी कारण उन तीनों ने साजिश के तहत 13 जनवरी की शाम को नवीन को सागर के कमरे पर बुलाया और मौका पाकर कमरे में रखे गैस सिलेंडर से सिर व कमर पर वार कर नवीन की हत्या कर दी।
शव को लपेटा कंबल में, ऑटो से लाकर शव को लगाया ठिकाने
एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि नवीन की हत्या के बाद आरोपितों ने उसके शव को कई कंबलों में कई घंटे तक लपेट कर रखा। हत्या शाम करीब सात बजे की गई और 11 बजे तक वह शव काे ठिकाने लगाने का इंतजार करते रहे। इस दौरान तीनों आरोपितों ने सागर के कमरे पर बैठकर शराब पी और फिर करीब 11 बजे शव को नवीन के ही आटो में रखकर घिठोरा रोड पर जंगल में ले गए।
नवीन के शव रखे आटो को नसीम चलाकर ले गया। जबकि नसीम के आटो से सागर व पवन पीछे-पीछे पहुंचे। शव को जंगल में ले जाने के बाद आरोपितों ने उसमें पेट्रोल डालकर आग लगा दी। कई कंबल और प्लास्टिक की चटाई में शव लिपटा होने के कारण शव व आटो बुरी तरह से जल गया।
एसएचओ ट्रोनिका सिटी मनोज कुमार ने बताया कि ऑटो समेत नवीन का शव जलाने के बाद नसीम पकड़े गए आरोपियों से अलग हो गया।
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