धर्मशाला कॉलेज छात्रा का फाइल फोटो
जागरण टीम, शिमला/धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला कॉलेज में छात्रा मौत मामले की जांच कर रही शिक्षा विभाग की टीम ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है। सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में रैगिंग के साक्ष्य नहीं मिले हैं। सोमवार को विभाग अपनी रिपोर्ट शिक्षा सचिव को सौंपेगा। रिपोर्ट में सभी पक्षों के बयान दर्ज किए हैं।
टीम ने तीन दिन तक कालेज में जाकर सभी पक्षों के बयान दर्ज किए थे। जांच रिपोर्ट को सचिव सील बंद लिफाफे में मुख्यमंत्री को सौंपेंगे। इस रिपोर्ट के आधार पर ही सरकार इस मामले में आगामी कार्रवाई करेगी। हालांकि रिपोर्ट सामने आने पर ही सही स्थिति का पता चल पाएगा।
छात्रा की मौत और उससे जुड़े रैगिंग व यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए अतिरिक्त निदेशक (कालेज) डा. हरीश कुमार की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इसमें तीन राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्य और शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधीक्षक शामिल हैं।
कमेटी ने हर पहलू खंगाला
कमेटी ने जांच के दौरान हर पहलू को खंगाला है। सभी पक्षों से बातचीत कर उनके बयान दर्ज किए हैं। परिसर व क्लासरूम का भी निरीक्षण किया गया है। इस मामले में पुलिस व विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की कमेटी भी जांच कर रही है।
मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट अहम
इसके अलावा सरकार ने मेडिकल बोर्ड का भी गठन किया है। मेडिकल बोर्ड ही तय करेगा कि मृत छात्रा की ओर से प्रसारित वीडियो में कही गई बातें कानूनी रूप से रिकार्ड का हिस्सा बनेंगी या नहीं।
आरोपितों को अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ी
वहीं, इस मामले में आरोपित सहायक प्राध्यापक व दो छात्राओं की अंतरिम जमानत की अवधि 13 फरवरी तक बढ़ गई है। शनिवार को अंतरिम जमानत के लिए जिला सत्र न्यायालय धर्मशाला में हुई सुनवाई में यह फैसला लिया गया। आरोपित सहायक प्राध्यापक व दो छात्राओं ने कोर्ट से अंतरिम जमानत ली थी। शनिवार को इसकी अवधि समाप्त हो रही थी। मामले को लेकर स्टेटस रिपोर्ट पुलिस ने कोर्ट में जमा करवाई है।
मेडिकल बोर्ड रिपोर्ट व डिजिटल साक्ष्य आना शेष
मामले में अब तक अहम मानी जा रही मेडिकल बोर्ड रिपोर्ट व डिजिटल साक्ष्य आना शेष हैं। इस मामले में अब भी पहेलियां बनी हुई हैं, जिन्हें सुलझाने में पुलिस जुटी है। छात्रा मौत मामले को सुलझाने के लिए पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है। फोरेंसिक लैब में दो आरोपित छात्राओं के मोबाइल फोन जांच के लिए दिए हैं। हालांकि अभी पुलिस को फोरेंसिक लैब से डिजिटल रिपोर्ट व मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस अधीक्षक अशोक रत्न ने बताया कि पुलिस हर पहलू की जांच पड़ताल कर रही है।
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