आरोपितों पर सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने और लोगों में आक्रोश भड़काने का प्रयास करने का आरोप लगा है।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। मणिकर्णिका घाट पर चल रहे सुंदरीकरण कार्य से संबंधित भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को लेकर चौक पुलिस ने गंभीर कदम उठाते हुए आठ मुकदमे दर्ज किए हैं। इन मुकदमों में आठ व्यक्तियों को नामजद किया गया है, जबकि कई अज्ञात आरोपित भी शामिल हैं। आरोप है कि इन व्यक्तियों ने एआई जेनरेटेड तस्वीरें और भ्रामक तथ्य साझा कर सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने और लोगों में आक्रोश भड़काने का प्रयास किया है।
चौक पुलिस ने यह कानूनी कार्रवाई सुंदरीकरण कार्य के नोडल अधिकारी और अपर नगर आयुक्त संगम लाल तथा कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट प्रबंधक मानो की तहरीर पर की है। डीसीपी गौरव बंसवाल ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपितों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
मानो ने अपनी तहरीर में बताया कि उनकी कंपनी मणिकर्णिका घाट पर सुंदरीकरण कार्य 15 नवंबर से कर रही है। उन्हें इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पता चला कि एक यूजर, जिसका हैंडल @daksinapathpati है, ने 16 जनवरी को भ्रामक तथ्य और तस्वीरें साझा की हैं। इन पोस्टों के माध्यम से न केवल हिंदू देवी-देवताओं में आस्था रखने वालों को भ्रमित किया गया, बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।
तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारत सरकार को विदेशी आक्रांता औरंगजेब से जोड़ने के कारण सरकार में आस्था रखने वाले लोगों में आक्रोश उत्पन्न हुआ है। इसी प्रकार, नगर निगम के अपर नगर आयुक्त संगम लाल ने भी एक्स हैंडल यूजर @sdeo76 द्वारा 16 जनवरी को एआई जेनरेटेड तस्वीरें और भ्रामक सूचना पोस्ट करने के लिए केस दर्ज कराया है।
डीसीपी ने कहा कि एक्स हैंडल पर की गई पोस्ट पर रिट्वीट और प्रतिक्रियाओं में भी भारत सरकार को औरंगजेब से जोड़ा जा रहा है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल एक्स हैंडल यूजर ही नहीं, बल्कि उन्हें रीट्वीट और कमेंट करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
चौक पुलिस ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए समाज में सौहार्द बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। यह कार्रवाई न केवल भ्रामक सूचनाओं के खिलाफ है, बल्कि यह समाज में शांति और सद्भाव को बनाए रखने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। |
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