तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। एम्स के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में जन्म लिए एक लड़के पर दो परिवारों ने दावा किया है। इसे लेकर जमकर हंगामा भी हुआ है। एम्स की कार्यकारी निदेशक डा. विभा दत्ता ने कहा कि जो खुद का लड़का होने का दावा कर रहा है वह गलत है। हम सही हैं। मामले की जानकारी पुलिस को दे दी गई है।
खजनी के रहने वाले संतोष पुणे में निर्माण का काम करते हैं। संतोष ने बताया कि प्रसव पीड़ा के बाद पत्नी संगीता को शुक्रवार को दोपहर बाद तीन बजे एम्स की इमरजेंसी भर्ती कराया। संगीता को पहले भी एम्स के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में दिखाया जा चुका है। शाम 7:20 बजे संगीता को लेबर रूम में ले जाया गया। रात नौ बजे बताया गया कि ऑपरेशन से बच्चा हुआ है। साथ ही बताया गया कि बच्चा सामान्य है लेकिन मां का दूध नहीं पी रहा है।
संतोष का आरोप है कि प्रसव के बाद से ही पत्नी बार-बार बच्चा दिखाने का आग्रह कर रही थी लेकिन उसे दिखाया नहीं गया। बहुत दबाव बनाने पर ऑपरेशन के आधे घंटे बाद बच्चे को दिखाया गया और बताया गया कि आपको लड़की हुई है। बाद में मुझे बुलाया गया। वहां एक साथ नवजात लड़का व लड़की थे। बताया गया कि लड़की हुई है।
संतोष ने कहा कि मैंने 26 दिसंबर 25 को जिला अस्पताल में पत्नी का अल्ट्रासाउंड कराया था। उस समय गर्भस्थ शिशु का वजन तीन किलोग्राम 265 ग्राम था। एम्स में जो बच्ची दी जा रही है उसका वजन दो किलोग्राम 390 ग्राम है। इतना जल्दी बच्चे का वजन कम तो होगा नहीं। मैंने कहा कि पत्नी को लड़की नहीं बल्कि लड़का हुआ है तो मुझे भगा दिया गया।
गार्ड भी अभद्रता करने लगे तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस से न बात कर एक अलग कमरे में 15 से 20 की संख्या में डाक्टरों व कर्मचारियों ने खुद डेढ़ घंटे बात की। इसके बाद मुझे बुलाया गया। बताया गया कि रक्तचाप की वजह से बच्चे का वजन घट गया है। शिशु के पैर में जो टैग लगा था वह भी ढीला था। यह निकला हुआ था।
संतोष का आरोप है कि पत्नी की आंख बंद कर दी गई थी। संतोष ने बताया कि जो लड़का पैदा हुआ है उसका वजन तीन किलोग्राम 630 ग्राम है। वहीं मेरा लड़का है। लड़की दूसरी महिला की है। संतोष का कहना है कि मैं डीएनए जांच के लिए तैयार हूं। पुलिस जांच कराए।
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वहीं शाहपुर की रहने वाली दूसरी प्रसूता वंदना सिंह पत्नी सौरभ सिंह ने कहा कि मुझे बेटा पैदा हुआ है। ऑपरेशन के कुछ देर बाद ही मुझे बेटा दिखा गया था। मुझे कोई शिकायत नहीं है।
दोनों महिलाओं का है पहला प्रसव
संगीता और वंदना दोनों का यह पहला प्रसव है। संगीता को काफी समय बाद गर्भधारण हुआ है। दोनों महिलाओं का कहना है कि बेटा उनका है। पहले दोनों महिलाओं को एक ही वार्ड में रखा गया था। बाद में विवाद की आशंका को देखते हुए दोनों को अलग रखा गया है। लड़का वंदना के पास है और लड़की संगीता के पास। देर रात तक एम्स में इसे लेकर चर्चा होती रही। |
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