इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
राजेश रंजन शशि। मधुबनी । बिहार के मधुबनी जिले में किसानों, पशुपालकों व मत्स्य पालकों के लिए आधुनिक सुविधाओं से सुस्जित संयुक्त भवन बनेगा। रामपट्टी स्थित मत्स्य कार्यालय की जमीन पर जिला स्तरीय संसाधन एवं प्रशिक्षण केन्द्र का निर्माण होगा।
निर्माण की मंजूरी मिल चुकी है। वहां पर 203 फुट लंबी 168 फुट चौड़ी भूखंड पर बहुमंजिली इमारत खड़ी होगी। इस संयुक्त भवन के निर्माण कार्य पर करीब 194.35 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कर होगा। पशुपालन, डेयरी, मत्स्य और कंफेड का एक ही छत के नीचे कार्यालय रहेगा। एक ही स्थान पर तीनों विभागों की सेवाएं किसानों व पशुपालकों को मिल सकेगी।
किसान और पशुपालकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की मजबूरी नहीं रहेगी। बहुमंजिला संयुक्त भवन के हर मंजिल पर अलग-अलग विभागों के कार्यालय शिफ्ट होंगे। जिलास्तरीय अधिकारियों के लिए अलग चैंबर, कर्मचारियों के लिए कार्यकक्ष और आगंतुकों के लिए प्रतीक्षालय की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी।
हर मंजिल पर शौचालय और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था मिलेगी। आधुनिक प्रशिक्षण सह मीटिंग हॉल भी रहेगा। यहां नियमित रूप से किसानों और पशुपालकों को प्रशिक्षण मिलेगा। विभागीय योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। सबसे नीचे पशुपालक का कार्यालय होगा।
इस पहल का उद्देश्य किसानों और पशुपालकों को महत्वपूर्ण राहत देना, सेवाओं में सुधार करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है।
अभी चार अलग-अलग जगहों पर संचालित हैं कार्यालय
वर्तमान में पशुपालन, डेयरी व मत्स्य विभाग व कंफेड चार अलग-अलग जगहों पर संचालित हैं। गव्य विभाग विभाग यानी डेयरी का कर्यालय जहां मूसानगर भौआरा में है। वहीं मत्स्य कार्यालय पुलिस लाइन के समीप एक निजी भवन में चल रहा है। पशुपालन विभाग का कार्यालय कोर्ट कैंपस के पश्चिम अवस्थित हैं, वहीं कंफेड सुधा का कार्यालय लहेरियागंज में अवस्थित है। जिले के सुदूर प्रखंड और गांवों से आने वाले पशुपालकों, किसानों और मत्स्य पालकों को एक ही दिन में अगर सभी कार्यालय तक जाना हो तो संभव नहीं हो पाता है। हर कार्यालय एक-दूसरे कार्यालय से काफी दूर है। संयुक्त भवन के निर्माण हो जाने के बाद किसानों को काफी सहूलियत हो जाएगी।
कहते हैं अधिकारी
जिले में रामपट्टी स्थित मत्स्य विभाग की जमीन पर जिला स्तरीय संसाधन एवं प्रशिक्षण केन्द्र का निर्माण होना है। इस आधुनिक सुविधाओं से लैस संयुक्त भवन के निर्माण हो जाने से पशुपालन, डेयरी, मत्स्य एवं कंफेड का कार्यालय एक ही छत के नीचे हो जाएगा।
पशुपालकों और मत्स्य पालकों को एक ही जगह पर तमाम विभागों से संबंधित जानकारी वहीं पर मिल जाएगी। वहीं समय-समय पर प्रशिक्षण भी चलता रहेगा।
डॉ. राजेश, जिला पशुपालक पदाधिकारी, मधुबनी। |
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