जागरण संवाददाता, फतेहपुर। फतेहपुर में समलैंगिक रिश्तों की वजह से पति की हत्या करा दी गई। पत्नी ने सहेली के साथ मिलकर इस पूरी साजिश को रचा। नाती के जन्मदिन पर सुपारी देकर पति को मरवा डाला।
सनसनीखेज रामसुमेर हत्याकांड का पुलिस ने सर्विलांस टीम की मदद से रविवार को राजफाश दिया। हत्या किसी और ने नही बल्कि पत्नी की सह पर इसकी महिला मित्र ने 60 हजार रुपये में भाड़े के हत्यारों से कराई थी। सुपारी किलर ई-रिक्शा चालक को आठ हजार रुपये एडवांस भी दे दिए थे। हत्यारोपित महिला ने पुलिस के समक्ष जुर्म स्वीकार करते हुए कहा कि दिवंगत की पत्नी से उसका प्रेम संबंध करीब डेढ़-दो वर्ष से थे। जिससे समलैंगिक रिश्ता बन गया था।
तीन माह पूर्व दिवंगत ने अपनी पत्नी के साथ उसे आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया था। इसके बाद पत्नी से उसका मिलना जुलना बंद कराकर पत्नी को पीटने लगा था। इसी वजह से उसे रास्ते से हटाने की आपराधिक साजिश रची। पुलिस ने दो मोबाइल फोन, प्रयुक्त लाल रंग की रस्सी व घटना के समय खून के धब्बे वाले कपड़े बरामद किए। पुलिस ने दिवंगत की पत्नी, इसकी महिला मित्र समेत तीन हत्यारोपितों को जेल भेज दिया।
बता दें कि असोथर थाने के टीकर गांव निवासी किसान रामसुमेर सिंगरौर 14 जनवरी की रात अपनी पुत्री कोमल के पुत्र के जन्मदिन पार्टी में शामिल होकर नलकूप गया था। 15 जनवरी को सुबह नलकूप के पास अरहर के खेत में इसका रक्तरंजित शव पड़ा मिला था। एसओ धीरेंद्र ठाकुर ने अज्ञात में हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। एसपी ने घटना के राजफाश के लिए इंटेलीजेंस विंग, एसओजी, सर्विलांस व थाना की संयुक्त पुलिस टीम लगाई गई थी।
रिजर्व पुलिस लाइन में रामसुमेर हत्याकांड का राजफाश करते दाएं से दूसरे एसपी अनूप कुमार सिंह। पीछे मास्क पहने खड़े हत्यारोपित। जागरण
पुलिस की जांच में स्पष्ट हुआ कि दिवंगत का किसी से प्रेम प्रसंग नहीं था और न ही कोई भूमि विवाद का मामला है। इसके बाद पुलिस ने दिवंगत की पत्नी व घर आने वाली महिला मित्र का फोन सर्विलांस में लगाकर काल डिटेल रिकार्ड खंगालनी शुरू कर दी तो घटना के पहले व बाद में दोनों में काफी बातचीत होना स्पष्ट हुई।
महिला पुलिस ने गांव में रहने वाली मालती देवी उर्फ बुद्धी व दिवंगत की पत्नी रेनू देवी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। इनका कीपैड मोबाइल जांचा तो मालती ने जुर्म स्वीकार कर लिया। इन दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने राजू सोनकर निवासी बहरामपुर, थरियांव को गिरफ्तार किया।
रामप्रकाश उर्फ मद्दू ने चाकू से गला रेता था
हत्थे चढ़ी मालती देवी ने पुलिस के समक्ष बताया कि 14 जनवरी को देर शाम से ही बहरामपुर गांव का उसका परिचित ई-रिक्शा चालक जितेंद्र गुप्ता अपने साथी राजू सोनकर व रामप्रकाश उर्फ मद्दू निवासी मुसैदापुर, थरियांव के साथ नलकूप के पास जाकर छिप गए थे। जितेंद्र ने फोन कर इसकी जानकारी दी। जब महिला मित्र रेनू देवी का पति रामसुमेर सिंगरौर नलकूप गया तो वहीं पास में जितेंद्र ने पीछे से पकड़कर रस्सी से गला घोंट दिया। इसके बाद रामप्रकाश ने गले को चाकू से रेतकर मार डाला और चले गए। हत्या की सुपारी 60 हजार में तय किया था जिसमें आठ हजार एडवांस व शेष रकम काम होने के बाद देने को कहा था।
हाथ में टेटू से रेनू नाम गुदवा कर कीपैड फोन दिया
एएसपी महेंद्र पाल सिंह व सीओ थरियांव वीर सिंह ने बताया कि दिवंगत ने मालती का घर आना जाना बंद कर दिया और मिलने जुलने पर पाबंदी लगा दी थी। जिस पर मालती ने चोरी छिपे कीपैड मोबाइल खरीदकर दिवंगत की पत्नी रेनू को बातचीत करने के लिए दिया था। जिससे ये दोनों आपसी में बातचीत किया करती थीं। इन दोनों में इतना प्रेम था कि मालती ने अपने हाथ में रेनू नाम का टूटे गुदवा रखा था। मालती की पूर्व में तीन शादियां हुईं लेकिन तीनों पतियों से अलग यह अपने नौ वर्षीय बच्चे के साथ रेनू के घर से थोड़ी दूर पर रहती है। कीपैड मोबाइल का सिम मालती ने अपने नाम से ही जारी कराया था। दोनों एक दूसरे के बिना नहीं रह पातीं थीं।
रामसुमेर हत्याकांड का राजफाश कर दिया गया है। दिवंगत की पत्नी का करीब डेढ़-दो वर्षों से पड़ोसी महिला मित्र से प्रेम संबंध थे और आपस में घंटों फोन में बातचीत किया करतीं थीं। इन दोनों को रामसुमेर ने तीन माह पूर्व आपत्तिजनक स्थिति में दिख लिया था। जिस पर मिलना जुलना बंद कर दिया तो साजिश रचकर रामसुमेर की 60 हजार में सुपारी देकर हत्या करा दी। दिवंगत की पत्नी, इसकी महिला मित्र समेत तीन को जेल भेजा जा रहा है। फरार जितेंद्र गुप्ता व रामप्रकाश उर्फ मद्दू की तलाश कराई जा रही है।
-अनूप कुमार सिंह, एसपी। |
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