परिवार में तनाव की जानकारी के बाद पुलिस ने पति-पत्नी दोनों को अच्छे व्यवहार की हिदायत भी दी है।
जागरण संवाददाता, सोनभद्र। एक व्यक्ति बेटी की शादी के लिए लड़का देखने के नाम पर घर से लौटा। बोलकर गया कि कहीं भी बेटी की शादी तय कर ही लौटेगा। जब घर लौटा तो उसके साथ दुल्हन देख स्वजन अवाक रह गए। बेटी के लिए वर की तलाश में निकले व्यक्ति ने खुद तीसरी शादी कर ली। उसने पहली पत्नी को छोड़ दिया था। दूसरी से शादी की थी।
रविवार को दूसरी पत्नी महिला थाना में स्थित परिवार परामर्श केंद्र में पहुंची और आपबीती सुनाकर पति पर कई गंभीर आरोप लगा। महिला बोली, साहब! मेरे पति ने तीसरी शादी कर ली है। अब हमारे साथ सही व्यवहार नहीं रखते। इसके कारण घर में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। हमारे पांच बड़े-बड़े बच्चे हैं। पति हमारी बेटी की शादी के लिए लड़का देखने गए थे और खुद ही अपनी तीसरी शादी कर बैठे हैं। अब मैं क्या करूं? शिकायत के दाैरान उसका पति भी थाना में मौजूद था। पति ने भी पत्नी पर अक्सर ही दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। पति ने तो यहां तक कह दिया कि पत्नी के इसी दुर्व्यवहार कारण तीसरी शादी कर ली।
परिवार परामर्श कार्यक्रम में आया यह मामला काफी पेचीदा था। इसके कारण महिला थानाध्यक्ष सविता सरोज, परामर्शदाता संगीता श्रीवास्तव, एसआइ श्रीराम यादव को भी काफी देर तक माथापच्ची करनी पड़ी। कारण कि पत्नी मुकदमा भी दर्ज नहीं कराना चाहती और इस मामले में कार्रवाई भी चाहती थी। हालांकि इस मामले में कुछ दिन पहले ही चौकी पर समझौता हुआ था कि पति तीसरी पत्नी को बाहर रखेगा। पत्नी ने बताया कि उसके प्रति रूख सही नहीं है।
इस पर थानाध्यक्ष सविता सरोज ने इस मामले में पति को हिदायत दी गई है कि वह अपनी पत्नी के साथ कुशल व्यवहार रखे और उसकी बातों को भी समझे। पत्नी को भी बेहतर व्यवहार रखने का निर्देश दिया। इस बात पर दोनों पर राजी हो गए। महिला ने बताया कि उसके पति ने पहली पत्नी को मानसिक रूप से अस्वस्थ बताकर छोड़ दिया था। इसके बाद इस महिला से लगभग 20 साल पहले शादी की। अब लगभग तीन माह से तीसरी महिला से अवैध रूप से शादी कर ली है।
इसी तरह एक अन्य मामले में एक महिला ने अपनी बहू पर ही झगड़ा करने व गाली-गाली करने का आरोप लगाया। उधर, बहू ने भी अपनी सास पर ऐसे ही आरोप लगाए। इसी मामले में पत्नी ने अपने पति ने शराब पीकर अक्सर हंगामा करने का अरोप लगाया। यह मामला तब और असमंजस की स्थिति में आ गया जब मां भी अपने बेटे पर शराब पीकर हंगामा करने का आरोप लगाना शुरू कर दी। दोनों महिलाओं के आरोप से मामले ने दूसरा मोड़ ले लिया।
पुलिस ने किसी तरह मामले में समझौता कराकर सभी को वापस भेजा। मिशन शक्ति अभियान के तहत आयोजित परिवार परामर्श कार्यक्रम में आठ पारिवारिक प्रकरण आए। छह प्रकरणों में दोनों पक्षों की सहमति से आपसी संवाद एवं समझाइश के माध्यम से सुलह-समझौता कराया गया। इससे पारिवारिक सौहार्द एवं सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिला। शेष दो प्रकरणों में दोनों पक्षों को आपसी विचार-विमर्श के लिए अग्रिम तिथि प्रदान की गई। |
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