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Bihar News : नरकटियागंज में इंसानियत की जीत, मृत महिला को नदी में फेंकने से पहले ग्रामीणों ने बचाया

LHC0088 2026-1-18 19:57:43 views 663
  

नदी तट से शव को कब्जे में लेती रेल पुलिस। जागरण  



जागरण संवाददाता, नरकटियागंज  (पश्चिम चंपारण)। रेल परिसर या अन्य जगहों पर मिले शवों का जैसे-तैसे निस्तारण किया जा रहा। इसमें पुलिस और संबंधित का अमानवीय चेहरा सामने आ रहा। रविवार को ऐसा ही मामला पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज में आया। ग्रामीणों ने पकड़ लिया, नहीं तो एक महिला के शव को यूं ही बोरे में बंद कर नदी में फेंक दिया गया होता।

नरकटियागंज जंक्शन पर मृत महिला के शव को बोरे में भरकर नदी में बहाने जा रहे दो लोगों को ग्रामीणों ने चीनी मिल के पास हरबोड़ा नदी के तट पर पकड़ लिया। सूचना पर पहुंची शिकारपुर थाने की पुलिस ने दोनों से पूछताछ की तो मामले का पर्दाफाश हुआ है।

लोगों के अनुसार, दोनों नशे में थे। ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे, उनके चलने के अंदाज और नदी किनारे रिक्शे पर भारी सामान देखकर ही शक हुआ। इसके बाद कड़ाई से पूछने पर बात सामने आई।

मृतका की पहचान मोतिहारी जिले के चइलहा गांव निवासी तेतरी देवी देवी के रूप में हुई है, वह पिछले कुछ दिनों से स्टेशन परिसर में ही रह रही थी। पकड़े गए चमुआ गांव निवासी सूरदास और पोखरा चौक निवासी रामचंद उसी परिसर के आसपास रहते हैं।

उन्होंने बताया कि महिला की मौत रेल परिसर में हुई थी। रेल पुलिस द्वारा अज्ञात भिखारी समझकर शव को नदी में फेंकने के लिए कहा गया था। रेलवे के किसी प्रेम कुमार नामक व्यक्ति ने उन्हें शव ठिकाने लगाने के लिए भेजा था।
रेल पुलिस को पता नहीं, कब ले गए शव

शिकारपुर थानाध्यक्ष ज्वाला कुमार सिंह ने बताया कि जांच में यह स्पष्ट हुआ कि रेल परिसर में महिला की मौत के बाद शव को ठिकाने लगाने का प्रयास किया जा रहा था। इसके बाद रेल पुलिस को सूचित किया गया।

नरकटियागंज रेल थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। रेल थानाध्यक्ष राजकुमार ने बताया कि स्टेशन पर भिक्षा मांगती थी। उसे कब रिक्शा चालक ले गए। इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। यूडी केस दर्ज किया गया है। प्रेम कुमार के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
रेल थाने में शव बाक्स उपलब्ध, फिर भी लापरवाही

नरकटियागंज स्टेशन परिसर में किसी अज्ञात व्यक्ति की मौत के बाद उसके शव को सुरक्षित रखने के लिए रेल थाने में शव बाक्स उपलब्ध है। रेल थानाध्यक्ष का दावा है कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाती है।

फिर पहचान कराने के लिए शव को उस बाक्स में 72 घंटे तक सुरक्षित रखा जाता है। उसकी तस्वीर ली जाती है। इसके बावजूद पहचान नहीं होने पर रेल पुलिस शव का अंतिम संस्कार कराती है। इसके बावजूद महिला के शव को बिना पोस्टमार्टम कराए ठिकाना लगाया जा रहा था।  


इस घटना की सूचना मिली है। रेल डीएसपी को पूरी घटना की जांच का निर्देश दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वीणा कुमारी, रेल एसपी, मुजफ्फरपुर।
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