खुले समुद्र में फिश फार्मिंग प्रोजेक्ट की शुरुआत।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने रविवार को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में देश की पहली खुली समुद्री मछली पालन परियोजना का शुभारंभ किया।
राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईओटी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि खुले समुद्र में सीबास और कोबिया मछलियों का पालन-पोषण किया जा रहा है, साथ ही प्रायोगिक तौर पर समुद्री शैवाल की खेती भी की जा रही है। सीबास और कोबिया दोनों ही उच्च मूल्य वाली मछलियां हैं जो अपने बेहतर स्वाद के लिए जानी जाती हैं।
नीली अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में भारत का पहला कदम
मंत्री ने इस परियोजना को भारत की नीली अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में पहला बड़ा कदम बताया। यह परियोजना पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, एनआईओटी और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह प्रशासन के सहयोग से कार्यान्वित की जा रही है।
किस पर केंद्रित है यह प्रायोगिक पहल?
यह प्रायोगिक पहल प्राकृतिक समुद्री परिस्थितियों में समुद्री मछली और शैवाल की खुले समुद्र में खेती पर केंद्रित है, जिसमें वैज्ञानिक नवाचार को आजीविका सृजन के साथ एकीकृत किया गया है। सिंह ने कहा कि भारत के महासागर, हिमालय और मुख्य भूमि संसाधनों की तरह ही, अपार और विविध आर्थिक क्षमता से संपन्न हैं, जिन पर दशकों से उचित ध्यान नहीं दिया गया है।
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