नितिन नवीन की ताजपोशी
राधा कृष्ण, पटना। आज का दिन भारतीय जनता पार्टी ही नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति के लिए भी ऐतिहासिक माना जा रहा है। भाजपा को पहली बार बिहार से राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने जा रहा है। बांकीपुर से पांच बार विधायक और पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन आज औपचारिक रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन करेंगे। इसके साथ ही बिहार की राजनीति राष्ट्रीय सत्ता के केंद्र में एक नई पहचान बनाने जा रही है।
निर्विरोध चुनाव की पूरी संभावना
पार्टी सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नितिन नवीन ही एकमात्र उम्मीदवार होंगे। ऐसे में उनका निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है।
यदि कोई दूसरा नामांकन दाखिल नहीं होता या सभी अन्य नामांकन अमान्य पाए जाते हैं, तो चुनाव प्रक्रिया पूरी होते ही उनके नाम की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी।
सबसे युवा और 11वें राष्ट्रीय अध्यक्ष का रिकॉर्ड
नितिन नवीन भाजपा के 11वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। खास बात यह है कि वे पार्टी के इतिहास के अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष भी होंगे। उम्र, संगठनात्मक अनुभव और राजनीतिक संतुलन, तीनों का यह संगम भाजपा नेतृत्व के लिए एक नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है।
दिल्ली में नामांकन, शीर्ष नेतृत्व की नजर
भाजपा के दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में आज दोपहर नामांकन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सूत्रों की मानें तो इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी भी संभव है। यह उपस्थिति नितिन नवीन के नेतृत्व पर शीर्ष नेतृत्व के भरोसे को दर्शाती है।
तीन घंटे में पूरी होगी चुनावी औपचारिकता
भाजपा द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, आज दोपहर 2 से 4 बजे तक नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। इसके बाद 4 से 5 बजे तक नामांकन की जांच होगी और शाम 5 से 6 बजे तक नाम वापस लेने का समय निर्धारित है।
एकमात्र वैध नामांकन की स्थिति में चुनाव अधिकारी निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा कर देंगे।
औपचारिक ऐलान 20 जनवरी को
हालांकि, नामांकन और प्रक्रिया आज पूरी हो जाएगी, लेकिन नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की औपचारिक घोषणा 20 जनवरी को की जाएगी। इसके बाद वे कार्यकारी अध्यक्ष से पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेंगे।
कैसे चुना जाता है भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष
भाजपा में राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव राष्ट्रीय परिषद के माध्यम से होता है। इस परिषद में करीब 5,708 सदस्य होते हैं, जिनमें राष्ट्रीय परिषद सदस्य और विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधि शामिल होते हैं।
देश के 30 से अधिक राज्यों की भागीदारी के कारण यह प्रक्रिया संगठनात्मक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
दिग्गजों की परंपरा में नया नाम
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्षों की सूची में अटल बिहारी वाजपेयी, मुरली मनोहर जोशी, कुशाभाऊ ठाकरे, बंगारू लक्ष्मण, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, अमित शाह और जेपी नड्डा जैसे दिग्गज नाम शामिल रहे हैं।
अब इस सूची में नितिन नवीन का नाम जुड़ने जा रहा है, जो पार्टी के लिए पीढ़ीगत बदलाव का संकेत भी माना जा रहा है।
कौन हैं नितिन नवीन
45 वर्षीय नितिन नवीन, दिवंगत भाजपा नेता और पूर्व विधायक नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र हैं। वे छात्र राजनीति से लेकर संगठन और सरकार, तीनों स्तरों पर खुद को साबित कर चुके हैं। बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से वे लगातार पांच बार विधायक चुने गए हैं, जो उनकी मजबूत जनाधार को दर्शाता है।
मंत्री से संगठन तक का सफर
नितिन नवीन नीतीश कुमार की कैबिनेट में मंत्री रह चुके हैं। विधानसभा चुनाव 2025 के बाद एनडीए सरकार बनने पर भी उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था।
हालांकि, जब उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया, तो उन्होंने संगठन को प्राथमिकता देते हुए मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
भाजपा के लिए क्या मायने रखता है यह बदलाव
नितिन नवीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना भाजपा के संगठनात्मक भविष्य के लिए अहम माना जा रहा है। युवा नेतृत्व, जमीनी राजनीति का अनुभव और बिहार जैसे राजनीतिक रूप से अहम राज्य से आने वाला चेहरा, ये सभी बातें पार्टी को नए सिरे से गति देने का संकेत देती हैं।
बिहार से दिल्ली तक सत्ता की नई धुरी
कुल मिलाकर, नितिन नवीन की ताजपोशी सिर्फ एक पद परिवर्तन नहीं, बल्कि भाजपा के भीतर नेतृत्व के नए अध्याय की शुरुआत है।
बिहार से निकलकर पार्टी की राष्ट्रीय कमान संभालना राज्य के लिए गर्व का विषय है और आने वाले समय में इसका असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी साफ दिखाई देने वाला है। |