अशोक चौधरी–छोटू सिंह का ‘हेड टू हेड’ मिलन
राधा कृष्ण, पटना। बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब भी किसी कार्यक्रम में सहज और भावनात्मक अंदाज में नजर आते हैं, तो उसके मायने तलाशे जाने लगते हैं। इस बार मौका था बिहार विभूति अनुग्रह नारायण सिंह की जयंती का, जहां मुख्यमंत्री का अंदाज एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया। बिहार विधानसभा में आयोजित राजकीय समारोह के दौरान नीतीश कुमार मंत्रियों के साथ हंसी-ठिठोली करते दिखे, लेकिन इसी बीच उन्होंने ऐसा कुछ कर दिया, जिसने सियासी गलियारों में नई अटकलों को जन्म दे दिया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बेहद सहज और प्रसन्न मुद्रा में नजर आए। इसी क्रम में उन्होंने ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी और जदयू नेता छोटू सिंह को अपने पास बुलाया और दोनों के सिर को पास लाकर ‘हेड टू हेड’ मिलन करा दिया।
यह दृश्य देखते ही वहां मौजूद नेताओं और समर्थकों के बीच हल्की मुस्कान और उत्साह फैल गया। कई लोगों ने इसे मुख्यमंत्री की भावनात्मक सहजता और राजनीतिक संदेश से जोड़कर देखा।
जदयू के वरिष्ठ मंत्री अशोक चौधरी को नीतीश कुमार का खास माना जाता है और हर बार ऐसे ‘मिलन’ में उनकी मौजूदगी को खास संकेत के तौर पर देखा जाता है। इससे पहले भी मुख्यमंत्री अशोक चौधरी के जरिए भाजपा और जदयू नेताओं के बीच इसी तरह का भावनात्मक संदेश दे चुके हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह केवल एक भावनात्मक क्षण नहीं, बल्कि संगठनात्मक एकता का संकेत भी हो सकता है। नीतीश कुमार अक्सर सार्वजनिक मंचों से सामाजिक और राजनीतिक समरसता का संदेश देते रहे हैं।
ऐसे में इस प्रतीकात्मक gesture को पार्टी के भीतर तालमेल और सामूहिकता के रूप में देखा जा रहा है।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इसके बाद उन्होंने महाराणा प्रताप जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति को याद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास में स्वाभिमान और संघर्ष के प्रतीक हैं, जिनसे आज की पीढ़ी को भी प्रेरणा लेनी चाहिए।
इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, कृषि मंत्री रामकृपाल यादव, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह, पीएचईडी मंत्री संजय कुमार सिंह, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा सहित कई मंत्री, विधायक, विधान पार्षद और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में आम लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के समापन के बाद भी मुख्यमंत्री के इस अनौपचारिक अंदाज की चर्चा होती रही। कुछ नेताओं ने इसे नीतीश कुमार की मानवीय संवेदनशीलता बताया, तो कुछ ने इसे संगठन के भीतर सकारात्मक संदेश देने वाला क्षण करार दिया।
कुल मिलाकर, महाराणा प्रताप जी की पुण्यतिथि पर आयोजित यह कार्यक्रम श्रद्धा के साथ-साथ राजनीतिक संकेतों के कारण भी यादगार बन गया। |