मौके पर पहुंचे लोग।
जागरण संवाददाता, एटा। घटनास्थल पर जब लोगों ने बदहवास हालत में कमल सिंह और उनकी बेटी लक्ष्मी को देखा तो लोगों का दिल पसीज उठा। बेटा देवांश का रो-रोकर बुरा हाल था। ढांढस बंधाने वालों का तांता लगा हुआ था, सब वारदात करने वालों को कोस रहे थे।
घटना के बाद कमल सिंह 2.30 बजे अपने घर पहुंचे। वे रो-रोकर बता रहे थे कि उन्हें फोन पर मोहल्ले के लोगों ने बताया कि घर में वारदात हो गई है। यही बेटी लक्ष्मी का कहना था, जबकि कमल सिंह के बेटे देवांश का रो-रोकर बुरा हाल था। उसने जब चीख-पुकार मचाई तो पड़ोसी सामने आ गए और देवांश ने घटना के बारे में बताया। इस नजारे को देखकर लोग दहल गए। सबसे पहले गंगा सिंह के मकान के सामने रहने वाला परिवार घर के अंदर दाखिल हुआ।
एंट्री गेट पूरी तरह से खुला था
एंट्री गेट पूरी तरह से खुला हुआ था, जिसे देवांश ने खोला था। एंट्री गेट के अंदर ही कमल सिंह की कार खड़ी हुई थी। इसके बाद हुजूम उमड़ पड़ा। सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई। शिकोहाबाद रोड से घटना स्थल 500 मीटर की दूरी पर है। स्थिति यह हो गई कि सैकड़ों वाहन गली में जुट गए और लोगों को निकलने में भी कठिनाई आई। हालांकि पुलिस के पहुंचने के बाद रास्ता खोला गया।
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पुलिस ने खंगाला घर का कोना-कोना
पुलिस ने घर का कोना-कोना खंगाला। यह भी देखा कि छत पर जाने वाली सीढ़ियों पर कहीं खून के निशान तो नहीं हैं, लेकिन यह निशान नहीं मिले। हालांकि रत्ना के कमरे से नीचे की ओर आने वाली सीढ़ियों पर एक-दो बूंद खून की थीं, जिसकी वजह से लग रहा था कि हो सकता है कि रत्ना और उनकी बेटी की हत्या करने के बाद हत्यारे खून से सनी इंटरलाकिंग वाली ईंट लेकर नीचे गए हों। तब गंगा सिंह और उनकी पत्नी की हत्या की गई हो। |
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