राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में मिलावटी और घटिया खाद्य पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने ‘हरियाणा फ्रेश’, ‘रत्नागिरी’ व ‘व्रजवाशी’ ब्रांड के घी की बिक्री, भंडारण और वितरण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।
तीनों ब्रांड के घी की बिक्री बंद करने और 48 घंटे के भीतर मौजूद स्टाक की जानकारी देने के लिए कहा गया है। बाजार से उत्पाद को तुरंत वापस लिया जाएगा। इसके साथ ही सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रतिबंधित घी दोबारा बाजार में न पहुंच सके।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अनुसार विशेष प्रवर्तन अभियान के दौरान घी के नमूने लिए गए थे। प्रयोगशाला जांच में यह घी निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरा और इसमें दूध से इतर तत्व पाए गए, जिसके चलते इसे ‘सब-स्टैंडर्ड और असुरक्षित’ घोषित किया गया।
मुजफ्फरनगर में जांच में ‘हरियाणा फ्रेश’ ब्रांड घी के दो अलग-अलग सैंपल असफल पाए गए। यह घी गिरधर मिल्क फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, पानीपत (हरियाणा) द्वारा निर्मित बताया गया है। वहीं लखनऊ, बहराइच और अयोध्या में ‘रत्नागिरी’ व ‘व्रजवाशी’ ब्रांड के घी के नमूने की जांच की गई।
यह घी गुजरात के सूरत और राजकोट में निर्मित है। इन नमूनों में दूध व दूध वसा के अलावा अन्य तत्वों की मौजूदगी सामने आई, जो खाद्य सुरक्षा कानूनों का उल्लंघन है।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और खाद्य उत्पाद मानक एवं खाद्य योज्य विनियम, 2011 के अनुसार, घी केवल दूध या दूध से बने उत्पादों से ही तैयार होना चाहिए।
किसी भी प्रकार का बाहरी या गैर-डेयरी तत्व पाए जाने पर उत्पाद को असुरक्षित माना जाता है। एफएसडीए आयुक्त डा. रोशन जैकब के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह आदेश जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियाती कदम के रूप में जारी किया गया है। हालांकि, संबंधित खाद्य कारोबारियों को कानून के तहत फिर जांच (री-एनालिसिस) का अधिकार रहेगा। |