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हेडफोन और ईयरफोन से तेज आवाज में गाने सुनने और गेम खेलने से हो रहा बहरापन, हो जाएं सतर्क

deltin33 3 hour(s) ago views 426
  

डॉ. वर्मा ने समय पर विशेषज्ञ से परामर्श और उचित उपचार के महत्व पर जोर दिया।



जागरण संवाददाता, वाराणसी। ‘हेलो जागरण’ कार्यक्रम में मंडलीय चिकित्सालय के ईएनटी विभाग की डा. नेहा वर्मा ने बुधवार को पाठकों से बात कर बताया क‍ि बच्चे और युवाओं को अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है। अगर सुन भी रहे हैं तो आवाज की तीव्रता 60 डीबी से कम रखें। आजकल हेडफोन व ईयरफोन लगाकर तेज आवाज में गाने सुनना या बच्चों में घंटों तेज आवाज में वीडियो गेम खेलना आम बात हो गई है जिसकी वजह से कम उम्र ही बहरेपन की समस्या और कानों में सीटी जैसी आवाज उत्पन्न हो रही है।

इसके लिए बच्चे और युवाओं को जागरूक होने की जरूरत है, क्योंकि यह आदत कान की नसों को स्थाई रूप से नुकसान पहुंचती है। इसके बचाव के लिए लगातार तेज आवाज में संगीत नहीं सुनना, गेम खेलते समय हेडफोन व ईयरफोन नहीं लगाना है। अगर सुन भी रहें है तो आवाज की तीव्रता 60 डीबी से कम रखें। सुनाई देने में समस्या हो रही है तो तुरंत ईएनटी सर्जन से मिलकर जांच और उपचार कराएं। समय रहते उपचार से पूरी तरह आराम मिल सकता है। देर होने पर उपचार कठिन हो जाता है।

दैनिक जागरण के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘हेलो जागरण’ में बुधवार को मंडलीय चिकित्सालय के ईएनटी विभाग की डा. नेहा वर्मा ने पाठकों से बात की। उन्होंने सर्दी जुकाम की वजह से सुनाई देने की समस्या, कान का बहना, संक्रमण, एलर्जी और सूजन संबंधित बीमारियों से जुड़ी जानकारी दी। साथ ही कारण-निवारण समेत पुरानी बीमारियों में उठ रही जिज्ञासाओं का भी समाधान किया।



मेरी उम्र 60 वर्ष है। नाक से अक्सर पानी आता है और कफ बनता है क्या करें? राम आसरे मौर्या (जाल्हूपुर)
- एलर्जी की वजह से नाक से पानी आना और बार-बार गले में इंफेक्शन होने की वजह से कफ की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। ठंडी चीजें से बचाव करने की जरूरत है। घर पर गर्म पानी से गरारा या भाप लिया जा सकता है। एलर्जी के लिए दवा और नाक के स्प्रे आते हैं जो अपने ईएनटी डाक्टर से मिलकर ले सकते हैं।


गले में खराश की वजह से खांसी आने लगती है क्या करें? जगदीशपुरी (संजय नगर कालोनी पहड़िया)

- धूल और प्रदूषण की वजह से बार-बार खराश या सूखी आ सकती है। बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करें। अत्यधिक गैस बनने की वजह से भी गले में सूजन की वजह से खराश जैसी समस्या लगती है। ऐसे में गले की एंडोस्कोपी जांच करानी होगी। साथ ही मिर्च मसाला और तलीय चीजों से परहेज रखें। साथ ही पेट को साफ रखना बहुत जरूरी है।

20 दिन पहले जुकाम हुआ था। आवाज नहीं सुनाई दे रही है क्या करें? महेंद्र शंकर सिंह (विंध्यवासिनी नगर कालोनी)

-सर्दी, जुकाम की वजह से नाक से कान में इंफेक्शन हो सकता है या पर्दे के पीछे पानी जमा हो जाता है जिसकी वजह से सुनाई देने की समस्या होने लगती है। हास्पिटल में आकर जांच करना होगा। अगर समय पर इलाज नहीं कराएंगे तो आगे सीटी जैसे आवाजें भी सुनाई देगी।


पांच साल का बच्चा है। रात में सोते समय नाक से आवाज आती है क्या करें? रंजीत तिवारी (रामेश्वर)

- एलर्जी होने की वजह से बार-बार गले या नाक में इंफेक्शन होता है जिससे टान्सिल और एडेनोइड में सूजन आ जाती है। इसकी वजह से खर्राटे जैसी आवाज आती है। इसमें बच्चे को ठंडी चीजें नहीं खिलानी हैं। सर्दी से बचाव की भी जरूरत है। अस्पताल आकर गले और नाक की जांच कराएं। इसके बाद ही आपरेशन या दवाओं का निर्णय लिया जा सकता है।

पेशे से किसान हैं। काम करते समय बार-बार खांसी की आती हैं क्या करें? संतोष (चोलापुर)

- फसल में फूल खिलने पर पालेन का लेवल बढ़ जाता है जिससे अगर एलर्जी हो तो खांसी की समस्या हो सकती है। बचाव के लिए मास्क का उपयोग करें। सर्दी वाली चीजों का इस्तेमाल नहीं करना है। इसमें भाप लेने से जल्दी आराम मिल जाएगा।


सीजन बदलता है तो छींक और पानी आता है। एसजे वर्मा (कबीरचौरा)।

- यह सीजनल बीमारी है। ऐसे में एलर्जी की वजह से समस्या हो सकती है। सर्दी से बचाव रखना है। साथ ही मास्क का इस्तेमाल करना है। ज्यादा दिक्कत होती है तो ईएनटी सर्जन को दिखाकर इलाज कराएं।

मेरी उम्र 65 वर्ष है और वजन 85 किलो है। रात में सोते समय आवाज आती है और ज्यादा पान गुटखा खाने की वजह से मुह नहीं खुलता है क्या करें? चंद्रपाल सिंह (विंध्यवासिनी कालोनी)

- वजन की वजह से गले के आसपास चर्बी जमा हो गई है। सांस के रास्ते में जगह कम होने से सोते समय खर्राटे जैसी आवाज आती है। ऐसे में वजन कम करने की कोशिश करें। उसके लिए तेल, घी आदि से परहेज करने की जरूरत है।साथ ही एक्सरसाइज नियमित करने की जरूरत है। पान, गुटखा खाना तुरंत बंद कर देना है। डाक्टर को दिखाकर दवाएं और कुछ एक्ससाइज करना होगा, जिससे आपका जबड़ा पूरा खुलने लगे।

डेढ़ साल से सूंघने की क्षमता कम हो गई है क्या करें? संजय कुमार (सारनाथ)

- वायरल इंफेक्शन की वजह से नाक की नस में खराबी आने की वजह से सूंघने की क्षमता कम हो जाती है। जांच के बाद कुछ दवा चलानी होगी, तब जाकर आपको आराम मिलेगा। आपने इलाज कराने में देरी कर दी है। समय रहते इलाज मिलने से यह बीमारी जल्दी ठीक हो जाती है।

मेरी उम्र 72 वर्ष है। कान से सीटी की आवाज निकल रही है। कई जगह दिखाने के बाद भी ठीक नहीं हो रहा है। क्या बिना दवा के कुछ उपाय है? बृजेश बरनवाल (अर्दली बाजार)।

- उम्र की वजह से कान की नसें कमजोर हो जाती है। इसमें मल्टी विटामिन की टैबलेट चलती है। रात के समय सन्नाटा होने की वजह से यह अधिक सीटी की आवाज महसूस होती है। अपने पास आवाज करने वाली कोई वस्तु जैसे सुई वाली घड़ी, या गर्मियों में फर्राटा पंखें रखें, जिससे आपका ध्यान सीटी वाली आवाज पर नहीं जाएगा। साथ ही बहुत ज्यादा दिक्कत होने पर जांच के बाद टिनिटस री-ट्रेनिंग थेरेपी बीएचयू में दी जाती है।

62 मेरी उम्र है। प्रोस्टेड की वजह से कुछ दवाइयां और स्टेराइड दवा दी जाती है। अब इसकी वजह से नाक सिकुड़ गया है क्या करें? राजीव (पांडेयपुर)

- दवाओं के साइट इफेक्ट की वजह से कुछ समस्याएं उत्पन्न हो सकती है, जहां से आपकी दवा चलती है उनको समस्या बताएं। इसके बाद दवा बदलने की जरूरत है। साथ ही ईएनटी सर्जन से जांच कराएं, जिससे बीमारी का सही आकलन किया जा सके।



छह साल का बच्चा है। कान में खुजली हो रही है क्या करें? प्रमोद (मऊ)
- छोटे बच्चे में अक्सर खूट की वजह से कान में खुजली होती है। नजदीकी अस्पताल में जाकर इएनटी विभाग में सफाई के लिए दवा ले लें। आराम मिल जाएगा।

कान में खूंट की वजह से सरसों का तेल डालते हैं। ऐसा करना उचित है क्या? सुरेश कुमार (सुंदरपुर)

- अपने आप से कान में सरसों का तेल न डालें। इससे फंगल इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है जिससे कानों का बहना, खुजली होना, भारीपन और कम सुनाई देने जैसी समस्या उत्पन्न होने लगती है। कान में खूंट के लिए ड्राप आती है। ऐसे में ईएनटी विभाग के विशेषज्ञ से मिलकर जांच कराने के बाद ही दवाएं ले।

मेरी उम्र 26 है। स्क्रीन टाइम ज्यादा है। ऐसे में क्या करें? रघुकुल यथार्थ (करौंदी), आकाश सिंह (बीएचयू)

- लंबे समय तक हेडफोन का इस्तेमाल नहीं करना है। वाल्यूम को 60 डीबी से ज्यादा नहीं रखना है। एक घंटे के स्तेमाल के बाद 10 मिनट का गैप रखना चाहिए। ईयरफोन के इस्तेमाल से कानों में खुजली या संक्रमण हो सकता है। रात में कभी भी हेडफोन लगाकर नहीं सोना चाहिए।

मेरे कान में छह माह से आवाज सुनाई देने की समस्या होने लगी है क्या करें? सर्वेश कुमार गुप्ता (कैंट)

- सुनाई की जांच करनी होगी। इसमें देखा जाएगा कि सुनाई देने की समस्या कितनी है। इसके बाद दवा या कान की मशीन की सलाह दी जाएगी।
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