पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी तरनजोत सिंह (फाइल फोटो)
जागरण संवाददाता, मोतिहारी। लोकसभा चुनाव में बेहतर प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होने वाला पूर्वी चंपारण एक बार फिर विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रबंधन को लेकर पुरस्कार के लिए चयनित हुआ है।
लगातार दूसरी बार चुनाव में बेहतर कार्य के लिए जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने बेहतर तकनीक का उपयोग कर चुनाव की प्रक्रिया को आसान बनाया था। यह पुरस्कार राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर 25 जनवरी को जिला निर्वाचन पदाधिकारी को प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान चुनावों के संचालन में बेहतर प्रबंधन, आईटी पहल, सुरक्षा प्रबंधन और चुनाव प्रबंधन में नवाचारों के लिए दिया जा रहा है।
पूर्वी चंपारण का यह लगातार दूसरा राष्ट्रीय पुरस्कार बिहार के लिए विशेष रूप से गौरव का विषय है। पिछले वर्ष 2025 में लोकसभा चुनाव के दौरान बेहतर चुनाव प्रबंधन के लिए देश के सभी जिलों में से पूर्वी चंपारण को चुना गया था। इस वर्ष भी बिहार विधानसभा चुनाव में जिले के उत्कृष्ट प्रदर्शन को मान्यता देते हुए पुनः यह सम्मान प्रदान किया जा रहा है।
भारतीय चुनावों की भव्यता, चुनाव सुधार, तकनीकी प्रगति और चुनाव प्रबंधन में नवीन प्रयोगों को प्रदर्शित करने वाला यह पुरस्कार राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर प्रदान किया जाता है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस राष्ट्रीय, राज्य, जिला, निर्वाचन क्षेत्र और मतदान केंद्र स्तर पर मनाया जाता है, जो इसे देश के सबसे बड़े समारोहों में से एक बनाता है। जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने कहा कि यह सम्मान जिला प्रशासन के सभी कर्मियों की मेहनत, समर्पण और जिले के नागरिकों के सहयोग का प्रतिफल है। यह उपलब्धि सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
बता दें कि जिलाधिकारी चुनाव को लेकर न केवल संवेदनशील रहे हैं, बल्कि टीम को बेहतर तरीके से कार्य कराने की क्षमता भी रखते हैं। खासकर लाइव वेबकास्टिंग को लेकर जिले में जो व्यवस्था हुई थी उससे चुनाव की हर गतिविधियों की पल-पल की जानकारी एक जगह पर प्राप्त हो रही थी। इसका प्रभाव मतदान पर व्यापक स्तर पर पड़ा और स्वच्छ व निष्पक्ष मतदान के साथ समस्याओं का तत्काल समाधान भी किया गया। |
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