रेलवे बोर्ड ने दिव्यांग यात्रियों के सहायक को दी राहत। (प्रतीकात्मक फोटो)
तापस बनर्जी, जागरण, धनबाद। Disabled Rail Passenger Assistants: ट्रेनों में सफर करने वाले दिव्यांग यात्री के सहायक के किसी कारणवश यात्रा न करने से उनके बदले दूसरे सहायक साथ जा सकेंगे। रेलवे यात्रियों को नाम बदलने की सुविधा देती है। पर रियायती टिकट पर यह सुविधा नहीं थी।
टिकट बुक हो जाने के बाद अगर सहायक साथ नहीं जा सका तो दूसरे को साथ ले जाने की अनुमति नहीं मिलती थी। इससे दिव्यांग यात्रियों को परेशानी होती थी। अब दिव्यांगों को जारी होनवाले रियायती टिकट में भी नाम बदलने की सुविधा दी जाएगी। रेलवे बोर्ड के निदेशक यात्री विपणन-द्वितीय संजय मनोचा ने सभी जोन को इससे जुड़ा आदेश जारी कर दिया है।
क्या है रेलवे बोर्ड का आदेश
रेलवे बोर्ड से जारी पत्र में कहा गया है कि रेलवे यात्री (नाम परिवर्तन) नियम 1990 के प्रावधानों के अनुसार, दिव्यांग व्यक्तियों के सहायक या परिचारक को उनके द्वारा बुक किए गए रियायती टिकट पर नाम परिवर्तन की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसमें शर्त यह होगा कि नाम परिवर्तन में किसी प्रकार की धनवापसी या किराए के अंतर का भुगतान शामिल नहीं होगा।
इस दर्द को भी समझे रेल...
रेलवे के निर्णय काे दिव्यांगजनों ने सराहनीय बताया। पीके मेमोरियल कालेज के दृष्टिबाधित शिक्षक डा. गिरिश शांडिल्य ने कहा कि शत प्रतिशत दिव्यांग के लिए यह बेहद जरूरी था। कई माध्यमों से इसका आग्रह किया गया था। अब बस छोटे स्टेशन पर दिव्यांग कोच को प्लेटफार्म के बाहर खड़ी करने से दिव्यांगजनों को होनेवाली परेशानी दूर की जाए।
कतरास, चंद्रपुरा जैसे कई स्टेशन हैं जहां दिव्यांग कोच प्लेटफार्म के बाहर खड़े होते हैं। इससे दिव्यांगजनों की असहजता समझ सकते हैं।साथ ही भूलवश दूसरी ट्रेन पर सवार हो जाने पर टीटीई के अभद्र व्यवहार भी आहत करते हैं।उनकी भी काउंसलिंग होनी चाहिए। |