
नई दिल्ली: एक तरफ शेयर मार्केट में लगातार गिरावट बनी हुई है। वहीं दूसरी तरफ अर्निंग सीजन भी शुरू हो गया है इसी दिशा में सरकारी एनबीएफसी कंपनी इरेडा ने फ्राइडे को स्टॉक मार्केट बंद होने के बाद फाइनेंशियल ईयर 2026 का दिसंबर की में रिजल्ट पेश कर दिया है। सरकारी कंपनी इरेडा का दिसंबर तिमाही में स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 585 करोड़ रुपए के लेवल पर चला गया है जो सालाना आधार पर 37% की ग्रोथ को दर्शा रहा है। पिछले फाइनेंशियल ईयर 2025 के दिसंबर क्वॉर्टर में नेट प्रॉफिट 425 करोड़ रुपए के लेवल पर रिपोर्ट हुआ था। इरेडा कंपनी का तीसरी तिमाही के दौरान परिचालन से रेवेन्यू सालाना आधार पर 38% से जंप किया है जिस वजह से इस बार रेवेन्यू 2140 करोड़ रुपए के आंकड़े को टच कर गया है 1 साल पहले यानी कि पिछले दिसंबर क्वॉर्टर में कंपनी का रेवेन्यू 1699 करोड़ रुपए के लेवल पर था। Energy Dev Agency Ltd (IREDA) कंपनी के सीएमडी प्रदीप कुमार दास का कहना है कि उनका तीसरी तिमाही का स्ट्रांग फाइनेंशियल परफॉर्मेंस दर्शाता है कि कंपनी भारत के रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांजिशन को लेकर के दृढ़ निश्चय है। तीसरी तिमाही में इरेडा कंपनी का लोन बुक 87975 करोड रुपए के लेवल पर रिपोर्ट हुआ है जो सालाना आधार पर 28% की मजबूत ग्रोथ की ओर इशारा कर रहा है पिछले फाइनेंशियल ईयर के दिसंबर क्वॉर्टर में कंपनी का लोन 68960 करोड़ रुपए के लेवल पर था। कंपनी का वितरण सालाना आधार पर 32% से जंप करके 9860 करोड़ रुपए के लेवल पर चला गया है। जो पिछले फाइनेंशियल ईयर की दिसंबर क्वार्टर में 7449 करोड़ रुपए के लेवल पर था। इरेडा शेयर फ्राइडे को 3% की गिरावट के साथ 136 रुपए के भाव पर बंद हुआ है। इरेडा शेयर का 52 हफ्ते का उच्चतम लेवल 227 रुपए है। शेयर इस हाई लेवल से 53% नीचे है। शेयर अपने 52 वीक के लो लेवल 129 रुपए के करीब पहुंच चुकी है। पिछले एक हफ्ते में ये सरकारी स्टॉक 6% अधिक गिर चुका है। वहीं पिछले 1 महीने में 1% का रिटर्न दिया है। सालभर के आधार पर देखेंगे तो शेयर में 36% की गिरावट रिपोर्ट हुई है।भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड जिसे हम इरेडा भी कहते है यह एक सरकारी नवरत्न दर्जा प्राप्त कंपनी है यह कंपनी मुख्य तौर पर रिन्यूएबल एनर्जी रिलेटेड प्रोजेक्ट को फाइनेंसिंग देने का व्यवसाय करती है। इस सरकारी कंपनी का मार्केट कैप 38,376 करोड़ रुपए है। (ये एक्सपर्ट/ ब्रोकरेज के निजी सुझाव/ विचार हैं. ये इकोनॉमिक टाइम्स के विचारों को नहीं दर्शाते हैं. किसी भी फंड/ शेयर में निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर की राय जरूर लें.) |