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कानपुर के इन तीन अस्पतालों में गैर-मानक एलर्जी सीरप बिक्री पर प्रतिबंध, 6000 बोतलें वापस

cy520520 2026-1-25 01:56:31 views 1062
  



जागरण संवाददाता, कानपुर। शहर में धड़ल्ले से चल रहा नकली और गैर मानक की दवा के कारोबार के बाद अब सरकारी अस्पतालों में सप्लाई होने वाली दवा भी संदेह के घेरे में आ गई है।

अब ड्रग विभाग एहतियात के बरते हुए सरकारी अस्पताल एलएलआर, उर्सुला, कांशीराम, केपीएम सहित सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कारपोरेशन के एलर्जी सीरप पर रोक लगाकर उसकी सप्लाई पर रोक और अस्पतालों के स्टोर में रखी करीब छह हजार एलर्जी सीरप की बोतलों की वापसी कर रहा है, जबकि ड्रग विभाग के पास अभी तक फेल हुए सैंपल की रिपोर्ट नहीं आई है।

औषधि निरीक्षक ओमपाल सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से बीते अक्टूबर में सचेंडी के सुरार गांव में उप्र मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन (यूपीएमएससीएल) के स्टोर में छापेमारी के दौरान दवा के सैंपल भरे गए थे। एलर्जी और एंटीबायोटिक दवा के आठ सैंपल में दो की रिपोर्ट गैर मानक होने की जानकारी मिली है।

इसलिए सरकारी अस्पतालों में सप्लाई हुई दवा की करीब छह हजार बोतल को वापस मंगाया जा रहा है। ड्रग विभाग के मुताबिक जांच रिपोर्ट जा जाने के बाद हिमाचल प्रदेश की सैंटलाइफ कंपनी के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

उन्होंने बताया कि एलएलआर, उर्सुला और कांशीराम सहित शहर के कई सरकारी अस्पतालों में गैर मानक की दवा सप्लाई की शिकायत मिल चुकी है। ऐसी दवा के प्रयोग पर रोक भी लगाई जा चुकी है।
उर्सुला से भरे गए थे 13 दवा के सैंपल

19 अप्रैल 2024 को ड्रग विभाग की टीम ने उर्सुला अस्पताल में 13 दवा के सैंपल भरे थे। इसमें हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला की एएनजी लाइफ साइंसेज की एमोक्सिसिलिन एवं पोटेशियम क्लैबुलैनेट इंजेक्शन 600 एमजी और उत्तराखंड के रुद्रपुर की मैक्समेड लाइफ साइंसेज की एमोक्सिसिलिन एवं पोटेशियम क्लैवुलैनेट इंजेक्शन 1.2 ग्राम के नमूने जांच को लखनऊ स्थित प्रयोगशाला भेजे थे। जांच रिपोर्ट में दोनों इंजेक्शन में पोटेशियम क्लेकुलैनेट साल्ट की मात्रा मानक से कम मिली थी।
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