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ब‍िहार : अब घर बैठे नकल की सत्यापित नकल, प्रक्र‍िया जान लें, लखीसराय में राजस्व सेवाओं में डिजिटल क्रांति

deltin33 2026-1-25 16:57:04 views 1115
  

ब‍िहार राज्य के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा की पहल से जमीन के सभी कार्य आनलाइन शुरू।



संवाद सहयोगी, लखीसराय। ब‍िहार राज्य के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा विभाग की कमान संभालने के बाद आमजन को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से राजस्व सेवाओं में लगातार सुधार किए जा रहे हैं। विभाग का लक्ष्य है कि रैयतों और आम नागरिकों को बिना किसी परेशानी के पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

इसी क्रम में राजस्व विभाग ने एक बड़ा और जनहितकारी निर्णय लिया है। अब राजस्व अभिलेखों (नकल) की सत्यापित प्रति प्राप्त करने के लिए रैयतों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। कोई भी व्यक्ति घर बैठे आनलाइन माध्यम से राजस्व अभिलेखों की डिजिटल हस्ताक्षर युक्त सत्यापित प्रति प्राप्त कर सकता है।
पुरानी प्रक्रिया समाप्त, भू-अभिलेख पोर्टल से मिलेगी डिजिटल नकल

पूर्व में किसी भी राजस्व अभिलेख या दस्तावेज की सत्यापित प्रति प्राप्त करने के लिए संबंधित अभिलेखागार में आवेदन देकर स्टांप शुल्क जमा करना पड़ता था। आवेदन पंजीकरण, पदाधिकारी के आदेश और छायाप्रति सत्यापन की प्रक्रिया में आवेदक को कई बार कार्यालय जाना पड़ता था। इस प्रक्रिया में आमतौर पर 10 से 15 दिन का समय लग जाता था।

नई व्यवस्था के तहत भू-अभिलेख पोर्टल के माध्यम से राजस्व अभिलेखों की स्कैन की गई प्रतियां आनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। आवेदक पोर्टल के जरिए ही शुल्क का भुगतान कर डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त सत्यापित नकल प्राप्त कर सकता है, जिससे समय और संसाधनों दोनों की बचत हो रही है।
ई-मापी भी हुई आसान, सीओ कार्यालय के चक्कर से मिली राहत

राजस्व विभाग ने भूमि मापी प्रक्रिया को भी सरल बनाते हुए ई-मापी की सुविधा शुरू की है। अब रैयतों को अपनी जमीन की मापी के लिए अंचल कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है। रैयत ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिसके बाद मोबाइल पर मापी की तिथि और समय की जानकारी संदेश के माध्यम से प्राप्त हो जाती है। जिले में इस सुविधा का लाभ बड़ी संख्या में लोग उठा रहे हैं।

उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार अब तक 4683 लोगों ने ई-मापी के लिए आनलाइन आवेदन किया है, जिनमें से 2830 आवेदकों ने मापी शुल्क जमा किया है। संबंधित अंचलाधिकारियों द्वारा 2175 ई-मापी की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, जबकि 586 आवेदन लंबित हैं।







राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग आमजन से जुड़ी सभी सेवाओं के डिजिटलाइजेशन और समयबद्ध निष्पादन पर विशेष जोर दे रहा है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि लोगों को समय पर सेवाओं का लाभ भी मिलने लगा है। अब राजस्व अभिलेखों की सत्यापित प्रति और ई-मापी जैसी सेवाएं घर बैठे आनलाइन उपलब्ध हैं।
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नीरज कुमार, एडीएम, लखीसराय
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