बहराइच के रूपईडीहा में भारत-नेपाल सीमा से सटे ग्रामीण और जनजातीय इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से श्री गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा का छठवां संस्करण 6 फरवरी को सुबह 9 बजे शुरू हुआ। यह यात्रा नेशनल मेडिकोज़ ऑर्गनाइजेशन अवध प्रांत और श्री गुरु गोरखनाथ सेवा न्यास के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है।
इस पहल के तहत क्षेत्र में कुल 16 स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। इन शिविरों में स्थानीय और बाहर से आए 56 से अधिक चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित थारू जनजातीय बहुल क्षेत्रों में आयोजित इन शिविरों में एकल अभियान, सीमा जागरण मंच, वनवासी कल्याण आश्रम, विश्व हिंदू परिषद और सेवा भारती जैसे सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
शिविरों में चिकित्सकों ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और निःशुल्क दवाइयां वितरित कीं। इसके अतिरिक्त, लोगों को संतुलित आहार, स्वच्छता और माहवारी स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया गया। स्थानीय संस्कृति को करीब से समझने के लिए चिकित्सकों ने ग्रामीण परिवारों के यहां रात्रि विश्राम भी किया, जिससे आपसी संवाद और विश्वास मजबूत हुआ।
मिली जानकारी के अनुसार, इस स्वास्थ्य सेवा यात्रा से अब तक 4860 से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं, जिनमें 2540 महिलाएं शामिल हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य शिविरों में उत्साहपूर्वक भाग लिया, वहीं चिकित्सकों के लिए भी यह अनुभव विशेष और प्रेरणादायक रहा। यह स्वास्थ्य सेवा यात्रा पिछले छह वर्षों से लगातार संचालित हो रही है और हर साल नए आयाम स्थापित कर रही है। जैतापुर और साहिजना सहित कई गांवों में सफलतापूर्वक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में राम मनोहर लोहिया संस्थान, लखनऊ से आए प्रमुख चिकित्सकों डॉ. शिवम शुक्ला, डॉ. निशांत पांडे, डॉ. राजेश सोनकर और डॉ. अभिषेक सहित अन्य चिकित्सकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन की व्यवस्थाओं में प्रांत प्रचारक कौशल जी और विभाग प्रचारक कृष्ण कुमार जी का विशेष योगदान रहा।

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