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राज्य ब्यूरो, पंचकूला। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने नाबालिग से जुड़े पाक्सो मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति की सजा को अपील लंबित रहने तक निलंबित करते हुए उसे कड़ी शर्तों के साथ जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि आदेश मामले के अंतिम निर्णय को प्रभावित नहीं करेगा और दोषी को निर्धारित शर्तों का कड़ाई से पालन करना होगा। गुरुग्राम के राजेंद्र पार्क थाना क्षेत्र में दर्ज एफआइआर में आरोपित पर नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर साथ ले जाने और यौन अपराध के आरोप लगाए गए थे।
ट्रायल कोर्ट ने आरोपित को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और पाक्सो अधिनियम के तहत दोषी ठहराते हुए कुल 20 वर्ष तक की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ आरोपित ने हाई कोर्ट में अपील दायर करते हुए सजा निलंबन की मांग की थी। हाई कोर्ट की पीठ ने रिकार्ड का सीमित परीक्षण करते हुए कहा कि मामले में कई पहलुओं का विस्तृत मूल्यांकन अपील की अंतिम सुनवाई के समय किया जाएगा।
पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोपरि
अदालत ने सजा के क्रियान्वयन को अपील के निस्तारण तक स्थगित करते हुए 25 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के जमानती बांड पर रिहाई का आदेश दिया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपित पीड़िता और उसके परिवार के निवास, कार्यस्थल या संपत्ति के आसपास नहीं जाएगा और किसी भी प्रकार से संपर्क करने का प्रयास नहीं करेगा। साथ ही, यदि आरोपित के पास कोई हथियार या लाइसेंस है तो उसे निर्धारित समय सीमा में संबंधित प्राधिकरण के पास जमा कराना होगा। |
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