नई दिल्ली। म्यूचुअल फंड की खास बात है कि आप इसके जरिए अलग-अलग फंड में निवेश कर सकते हैं। ये अलग-अलग फंड आपके पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करने में मदद करते हैं। इससे रिस्क भी कम हो जाता है। आज हम म्यूचुअल फंड के एक टाइप, इंडेक्स फंड के बारे में बात करेंगे। इसके साथ ही जानेंगे कि आपको इसमें निवेश करना चाहिए या नहीं?
सबसे पहले शुरू करते हैं कि इंडेक्स फंड क्या होते हैं। आइए इसकी सरल परिभाषा से शुरू करते हैं।
Index Fund क्या होते हैं?
डायवर्सिफिकेशन वो यंत्र है, जो आपका रिस्क कम करने में मदद करता है। हर निवेशक चाहता है कि वे अलग-अलग तरह के एसेट क्लास जैसे इक्विटी, डेट, प्रॉपर्टी और गोल्ड इत्यादि में पैसा लगाए। हर एक एसेट क्लास में भी हम डायवर्सिफिकेशन की कोशिश करते हैं।
अगर आप भी शेयर्स खरीदते वक्त डायवर्सिफिकेशन की चाह रखते हैं। ये समझ नहीं पा रहे कि कौन-सा शेयर आपके लिए बेस्ट है, तो इंडेक्स फंड आपकी मदद कर सकता है। इंडेक्स फंड के तहत इंडेक्स से जुड़े टॉप शेयर्स को शामिल किया जाता है। आप एक इंडेक्स में निवेश कर इन सभी टॉप शेयर्स में निवेश कर सकते हैं।
ऐसे समझ लीजिए जैसे किसी फंड में कुछ चुनिंदा शेयर्स शामिल होते हैं। ऐसे ही इंडेक्स फंड में भी टॉप शेयर्स को इंडेक्स के हिसाब से शामिल किया जाता है। इंडेक्स जैसे Sensex (टॉप 30 शेयर्स), Nifty 50 (टॉप 50 शेयर्स), Nifty Next 50, Nifty Bank इत्यादि।
आप इंडेक्स फंड के जरिए अपने अनुसार अलग-अलग इंडेक्स में निवेश कर सकते हैं। अलग-अलग इंडेक्स अलग-अलग कैटेगरी को टारगेट करता है।
आपको पैसा लगाना चाहिए या नहीं?
अगर आप पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करना चाहते हैं और समझ नहीं आ रहा है कि कौन-से शेयर्स में पैसा लगा जाए तो इंडेक्स फंड आपके लिए है। आप रिस्क फैक्टर्स और रिटर्न, पोर्टफोलियो होल्डिंग इत्यादि को देखकर ही निवेश करें।
(डिस्क्लेमर: यहां म्यूचुअल फंड पर दी गयी जानकारी निवेश की सलाह नहीं है। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। म्यूचुअल फंड में जोखिम हो सकता है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।) |
|