संवाद सूत्र, लोटन। महाशिवरात्रि पर्व इस वर्ष श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत विशेष रहने वाला है। करीब तीन सौ वर्षो बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है, जब महाशिवरात्रि के दिन एक साथ 12 शुभ योगों का निर्माण होगा। लोटन क्षेत्र के ज्योतिषाचार्य पंडित सर्वेश्वरनाथ द्विवेदी ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2024 में शिवरात्रि पर 11 योग बने थे, लेकिन इस बार उससे भी अधिक दुर्लभ और शुभ संयोग बन रहा है।
बताया कि इस महाशिवरात्रि पर प्रीति, आयुष्मान, सौभाग्य, शोभन, सर्वार्थसिद्ध, साध्य, शिव, शुक्ल, चंद्र-मंगल, त्रिग्रही, राज और ध्रुव योग का संयोग बनेगा। इन विशेष योगों में भगवान शिव की पूजा-अर्चना, व्रत और रुद्राभिषेक करने से विशेष फल की प्राप्ति होगी।
क्या है पौराणिक मान्यता?
द्विवेदी ने पौराणिक मान्यताओं का उल्लेख करते हुए बताया कि महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान भोलेनाथ का विवाह माता पार्वती से हुआ था और इसी दिन सर्वप्रथम ज्योतिर्लिंग का प्रादुर्भाव हुआ था। महाशिवरात्रि में निशाव्यापिनी चतुर्दशी तिथि का विशेष महत्व होता है, इसलिए इस वर्ष यह पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा। महाशिवरात्रि के दिन सूर्योदय के बाद से ही शुभ योगों का क्रम शुरू हो जाएगा।
प्रातः 5:45 बजे से पूरे दिन शिव योग रहेगा। सुबह 6:43 बजे से सर्वार्थ सिद्धि योग प्रारंभ होगा, जो करीब तीन घंटे तक रहेगा।
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इसके अलावा प्रीति योग पूर्वाह्न 11:19 से 11:23 तक, आयुष्मान योग दोपहर 12:17 से 1:54 तक, सौभाग्य योग शाम 5:57 से 6:53 तक, शोभन योग शाम 7:47 से रात 8:30 बजे तक, साध्य योग रात 8:45 से 10:02 तक, शुक्ल योग रात 10:42 से 11:58 तक, राज योग रात 12:54 से 2:54 बजे तक और ध्रुव योग रात 2:57 से भोर 5:53 बजे तक रहेगा। |