10 हजार रुपये के निजी मुचलके और दो जमानतदारों की शर्त पर रिहा करने का निर्देश
विधि संवाददाता, पटना। बिहार चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत माता के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में आरोपी मो. रिज़वी उर्फ राजा को पटना हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। न्यायाधीश अरुण कुमार झा की एकलपीठ ने सिमरी थाना कांड संख्या 243/2025 में सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया। आरोपी 29 अगस्त 2025 से न्यायिक हिरासत में था। करीब पांच माह से अधिक समय जेल में रहने के बाद उसे राहत मिली है।
राहुल गांधी की सभा में दिया था बयान
अभियोजन के अनुसार विपक्षी नेताओं द्वारा आयोजित रैली के दौरान प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत माता के विरुद्ध आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया था। यह कार्यक्रम राहुल गांधी की सभा से जुड़ा बताया गया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। अनुसंधान के क्रम में याचिकाकर्ता का नाम सामने आने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई।
गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ था केस
मामले में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं सहित आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत एफआईआर दर्ज की गई। राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक उदय प्रताप सिंह ने जमानत याचिका का विरोध किया।
उन्होंने अदालत को बताया कि आरोपी का कृत्य सामाजिक अशांति फैलाने वाला है। इसलिए जमानत नहीं दिए जाने की मांग की गई।
बचाव पक्ष की दलीलें
आरोपी की ओर से अधिवक्ता रियाज अहमद ने दलील दी कि उनके मुवक्किल निर्दोष हैं। उन्हें केवल वायरल वीडियो के आधार पर पहचान कर आरोपित किया गया है।
आरोपी के मोबाइल से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई है। साथ ही उनका कोई आपराधिक इतिहास भी नहीं है।
अदालत ने शर्तों के साथ दी राहत
न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद जमानत देने का निर्णय लिया। अदालत ने आरोपी के स्वच्छ आपराधिक इतिहास, लंबी हिरासत अवधि और चार्जशीट दाखिल होने को आधार माना।
उसे 10 हजार रुपये के निजी मुचलके और दो जमानतदारों की शर्त पर रिहा करने का निर्देश दिया गया। साथ ही स्पष्ट किया गया कि लगातार तीन तिथियों पर अनुपस्थित रहने या शर्तों के उल्लंघन पर जमानत रद्द की जा सकती है। |
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