मुख्यमंत्री व तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी का विस क्षेत्र भी इसमें शामिल (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता। बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के तहत चार विधानसभा (विस) क्षेत्रों में निवास करने वाली मुस्लिम आबादी से कहीं अधिक उनसे जुड़े \“तार्किक विसंगतियों\“ के मामले पाए गए हैं।
ये चार विस क्षेत्र बालीगंज, कोलकाता पोर्ट, भवानीपुर व मटियाब्रुज हैं। मालूम हो कि तार्किक विसंगतियों के मामलों में माता-पिता के नामों का बेमेल होना, माता-पिता व संतानों के बीच उम्र का अंतर 15 वर्ष या उससे कम अथवा 50 वर्ष या उससे अधिक होना इत्यादि शामिल हैं।
मालूम हो कि भवानीपुर बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी का विस क्षेत्र भी है। वहां मुस्लिम आबादी करीब 20 प्रतिशत है, जबकि उनसे जुड़े तार्किक विसंगतियों के मामले 52 प्रतिशत पाए गए हैं। इसी तरह बालीगंज की कुल आबादी का 50 प्रतिशत मुस्लिम हैं। यहां इस समुदाय से जुड़े तार्किक विसंगतियों के मामले 77.5 प्रतिशत पाए गए हैं।
कोलकाता पोर्ट की भी कमोबेश यही स्थिति है। वहां भी 50 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है जबकि उनसे जुड़े तार्किक विसंगतियों के मामले 82 प्रतिशत हैं। इसी तरह मटियाब्रुज में मुस्लिम आबादी 60 प्रतिशत है लेकिन उनसे जुड़े तार्किक विसंगतियों के मामले 87 प्रतिशत हैं।
जन्म से पहले जारी कर दिया गया प्रमाणपत्र!
एसआइआर की प्रक्रिया के तहत दस्तावेजों की जांच में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें एक मतदाता को उसके जन्म से पहले ही जन्म प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया था। उक्त व्यक्ति उत्तर 24 परगना जिले का रहने वाला है।
उसने जो प्रमाणपत्र एसआइआर की सुनवाई के समय जमा कराया था, उसमें उसकी जन्मतिथि छह मार्च, 1993 है जबकि वह प्रमाणपत्र चार मार्च, 1993 को पंजीकृत बताया जा रहा है। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि उक्त व्यक्ति को पूछताछ के लिए तलब किया जा सकता है।
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