शुभम. File Photo
चयन राजपूत, हल्द्वानी। नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती होने के बावजूद वहां से बाहर निकलकर शुभम नशे के दलदल से बाहर नहीं आ सका। बुधवार की रात शुभम की मौत की वजह भी नशा ही बनी। क्योंकि नशे के दौरान ही उसका अन्य साथियों के साथ विवाद हुआ और उसे व उससे बेइंतहा प्यार करने वाली प्रेमिका लक्ष्मी को मौत के घाट उतार दिया गया।
नशे का आदि होने के बाद अल्मोड़ा निवासी शुभम टम्टा को उसके परिवार वालों ने हल्द्वानी के नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करा दिया था। वहां रहकर शुभम ने नशा छोड़ने का प्रयास किया। उसके अच्छे व्यवहार के चलते ही उसे लामाचौड़ स्थित नशा मुक्ति केंद्र में सुपरवाइजर की जाब मिल गई। इसके बाद वह दूसरे नशा मुक्ति केंद्र में जाकर दूसरों का नशा छुड़ाने का काम बकायदा काउंसलर बन गया।
इस दौरान उसने कई नशेड़ियों को नशे के दलदल से बाहर निकाला। लेकिन चार माह पहले ही नशा मुक्ति केंद्र से नौकरी छोड़ने के बाद वह फिर नशे का आदी हो गया। बता दें कि, शुभम पहले नशे के इंजेक्शन, स्मैक का भी लती थी। उसके बाद वह शराब का शौकीन बन गया। शराब पार्टी के दौरान पुलिस को लेमन फ्लेवर की खाली बोतलें, बियर की केन आदि सामग्री मिली। एसएसपी मंजुनाथ टीसी ने बताया कि घटनास्थल पर नशे का काफी काकटेल बरामद किया गया है।
इंटरनेट मीडिया में एक दूसरे को प्यार भरे कमेंट मारते रहते थे दोनों
प्रेमी युगल शुभम व लक्ष्मी दोनों ही इंटरनेट मीडिया में काफी सक्रिय रहते थे। दोनों एक दूसरे की फोटो में प्यार भरे कमेंट मारते रहते थे। पुलिस जांच में भी सामने आया है कि दोनों एक दूसरे के साथ ही रहना पसंद करते थे।
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