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मनोज त्रिपाठी, लखनऊ। राज्य सरकार ने बजट में ईज आफ डूइंग बिजनेस (कारोबार में सुगमता) को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग मदों में भारी-भरकम बजट का प्रविधान किया है। सरकार की कोशिश है कि ईज आफ डूइंग बिजनेस के साथ ईज आफ लिविंग को भी पूरी तवज्जो दी जाए।
इसके लिए नगर विकास व आवास एवं शहरी विकास के लिए 34,219 करोड़ रुपये का प्रविधान किया है, जबकि औद्योगिक विकास के लिए 27,103.49 करोड़ रुपये का प्रविधान बजट में है।
इसके अलावा राज्य में एमएसएमई के नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना और राज्य में कारोबार करने के लिए सुरक्षित माहौल तथा औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच को आसान बनाने के लिए बजट में एक हजार करोड़ रुपये भी रखे गए हैं।
राज्य सरकार उत्तर प्रदेश में ईज आफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरण आनंद ने विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करके उनकी राय ली थी। औद्योगिक संगठनों से मिले सुझाव की रिपोर्ट उन्होंने शासन को सौंपी थी।
इसके बाद 45 विभागों की 525 से अधिक सेवाएं एक ही प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब सरकार निवेश मित्र 3.0 को विकसित करने की तैयारी भी कर रही है।
इसके जरिए एआई आधारित डैशबोर्ड, रीयल-टाइम ट्रैकिंग, स्वचालित सूचनाओं और राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम से एकीकृत व्यवस्था के साथ अगले स्तर का स्मार्ट गवर्नेंस माडल तैयार करने के लिए बजट में प्रविधान किया गया है।
उद्योग जगत की सबसे बड़ी शिकायत, जटिल अनुपालन प्रणाली को सरकार ने संशोधित कर 65 विभागों में 4,675 अनुपालन कम किए हैं। 4,098 अनुपालनों का डिजिटलीकरण एवं सरलीकरण किया गया। 577 अनुपालन अपराधमुक्त (डीक्रिमिनलाइज) किए गए। सैकड़ों पुराने अधिनियम, नियम व विनियम निरस्त किए गए।
ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता समाप्त की गई। 20 से कम कर्मचारियों वाली दुकानों के लिए पंजीकरण आवश्यकता हटाई गई और श्रम, अग्निशमन, पर्यावरण, जल प्रदूषण सहित तमाम मामलों में संबंधित उद्योगपतियों की सजा को समाप्त कर उन्हें अर्थडंड में परिवर्तित किया गया। इसके चलते उद्यमियों व कारोबारियों को बड़ी राहत मिली है।
कारोबार के लिए बेहतर कनेक्टिविटी पर जोर
बजट में सरकार ने कारोबार को बढ़ावा देने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी पर जोर दिया है। इसके लिए सड़क एवं सेतुओं के निर्माण को लेकर 34,468 करोड़ रुपये बजट में प्रस्तावित हैं। साथ ही नार्थ-साउथ कारिडोर, बाईपास, रिंग रोड, फ्लाईओवर और औद्योगिक लाजिस्टिक मार्गों के विकास के भी अलग से बजट रखा गया है।
नार्थ-साउथ कारिडोर का निर्माण होने के बाद प्रदेश के उत्तरी व दक्षिणी हिस्सों में कारोबारियों को कम समय में सुरक्षित तरीके से माल पहुंचाने में मदद मिलेगी। राज्य में वर्तमान में सात एक्सप्रेसवे संचालित हैं। तीन एक्सप्रेसवे का निर्माण चल रहा है और 12 नए एक्सप्रेसवे प्रस्तावित हैं।
वर्तमान में राज्य में चार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों सहित 16 हवाई अड्डे संचालित हैं। जल्द ही जेवर हवाई अड्डे का संचालन भी शुरू कर दिया जाएगा। यह हवाई अड्डा निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजार में अपने उत्पाद पहुंचाने का बड़ा जरिया बनेगा।
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