पीले धौतवस्त्र धारण किए छात्र-छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सबका मन मोह लिया।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के वार्षिक अंतर-संकाय खेलकूद प्रतियोगिता के तीसरे दिन शुक्रवार को खेल मैदान उत्साह, अनुशासन और परंपरा के अद्भुत संगम का साक्षी बना। पीले धौतवस्त्र धारण किए छात्र-छात्राओं ने कबड्डी, वालीबाल और शतरंज प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सबका मन मोह लिया। विशेष आकर्षण यह रहा कि पूरी प्रतियोगिता की कमेंट्री संस्कृत माध्यम से की गई, जिसने आयोजन को विशिष्ट गरिमा प्रदान की।
शारीरिक शिक्षा एवं क्रीड़ा विभाग के प्रभारी डा. सत्येन्द्र कुमार यादव ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कबड्डी और वालीबाल जहां शारीरिक सुदृढ़ता, फुर्ती और टीम भावना का विकास करते हैं, वहीं शतरंज मानसिक एकाग्रता, तार्किक क्षमता और रणनीतिक सोच को प्रखर बनाता है।
तीनों खेल व्यक्ति के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कबड्डी प्रतियोगिता में कैप्टन रोहित मिश्रा व उपकैप्टन शिवम शुक्ला की टीम विजेता रही, जबकि कैप्टन योगेश पांडेय व उपकैप्टन नारायण दत्त तिवारी की टीम उपविजेता बनी। वालीबाल में कैप्टन आदर्श पांडेय व उपकैप्टन मयंक पांडेय की टीम ने विजय प्राप्त की, जबकि कैप्टन रोहित मिश्रा व उपकैप्टन शिवेंद्रधर द्विवेदी की टीम उपविजेता रही।
महिला शतरंज में निधि गुप्ता प्रथम, शर्मिष्ठा आर्या द्वितीय और अर्चना मौर्य तृतीय स्थान पर रहीं। पुरुष वर्ग में सनत कुमार प्रथम, शिवेंद्रधर द्विवेदी द्वितीय तथा अंकित मिश्रा तृतीय स्थान पर रहे। खेल प्रशिक्षक आदित्य कुमार और सोमनाथ पांडेय के सहयोग से प्रतियोगिताएं सफलतापूर्वक संपन्न हुईं।
वेद विभाग के शोध छात्र यज्ञ नारायण ने संस्कृत उद्घोषक की भूमिका निभाई। कार्यक्रम में वेद वेदांग संकायाध्यक्ष प्रो. महेन्द्र पांडेय मुख्य अतिथि रहे। प्रो. विशाखा शुक्ला, प्रो. रविशंकर पांडेय, डा. कुंज बिहारी द्विवेदी और डा. विजेंद्र आर्य निर्णायक मंडल में शामिल रहे। आयोजन में आचार्यगण, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उत्साही उपस्थिति रही। |