निपाह वायरल का अलर्ट। (जागरण)
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस संक्रमण से मौत की पुष्टि होने के बाद पूर्वी सिंहभूम जिले में भी स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है।
सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल की ओर से सभी सरकारी व निजी अस्पतालों, एमजीएम मेडिकल कॉलेज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और निजी क्लीनिकों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, जिले में अब तक निपाह का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर निगरानी और तैयारी बढ़ा दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार निपाह वायरस एक गंभीर जूनोटिक बीमारी है, जो मुख्य रूप से फल खाने वाले चमगादड़ (फ्रूट बैट) के जरिए फैलती है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क या संक्रमित फलों के सेवन से भी संक्रमण का खतरा रहता है।
अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि बुखार, तेज सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ, उल्टी, मानसिक भ्रम, दौरे या अचानक तबीयत बिगड़ने जैसे लक्षण वाले मरीजों की विशेष स्क्रीनिंग की जाए। ऐसे मामलों में तुरंत आइसोलेशन और जिला सर्विलांस इकाई को सूचना देना अनिवार्य किया गया है।
सभी स्वास्थ्य केंद्रों को मिला निर्देश
सिविल सर्जन की ओर से सभी स्वास्थ्य केंद्रों को इंफेक्शन प्रिवेंशन एंड कंट्रोल प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। सिविल सर्जन ने कहा कि पश्चिम बंगाल में निपाह से हुई मौत को देखते हुए जिले में एहतियाती अलर्ट जारी किया गया है।
फिलहाल पूर्वी सिंहभूम में संक्रमण का कोई मामला नहीं है। ट्रैवल हिस्ट्री वाले मरीजों पर विशेष नजर रखी जा रही है। आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि गिरे हुए या आंशिक रूप से खाए गए फलों का सेवन न करें।
कच्चा खजूर रस या ताड़ी पीने से बचें और किसी बीमार व्यक्ति के अनावश्यक संपर्क में न आएं। लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।
अफवाहों से दूर रहने की अपील
सिविल सर्जन ने कहा कि लोग इंटरनेट मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सरकारी सूचना पर भरोसा करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल जागरूकता और सावधानी ही निपाह से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है। |
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