उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा। (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में शहरी सुविधाओं में कमी और गड़बड़ी को लेकर नगर विकास एवं आवास विभाग के पास बड़ी संख्या में शिकायतें आ रही हैं। अब इन शिकायतों की जांच के लिए विभाग के स्तर से अलग सेल बनाया जाएगा।
जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर सेवा देने वाली संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई भी की जाएगी। उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को शहरी सुविधाओं की समीक्षा बैठक में यह निर्देश जारी किया।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया किया कि नागरिकों को पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय सुविधाओं में विसंगतियों को लेकर हमारे पास बड़ी संख्या में शिकायत और परिवाद प्राप्त हो रहे हैं। इनमें कुछ परिवाद राजनीति या निहित स्वार्थों से भी प्रेरित होते हैं।
लिहाजा एक समर्पित विशेष सेल बनाकर लोकशिकायत एवं परिवादों के निपटारे का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही प्रतिवादियों भी नाम-पता और प्रमाण उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है। प्रामाणिक साक्ष्यों के आधार पर विभाग निश्चित रूप से नियम-संगत कार्रवाई करेगा।
सभी कार्य एजेंसियों का बनेगा डाटाबेस
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभाग सभी कार्य-एजेंसियों का सूचीकरण करने जा रहा है, ताकि उनके मानवबल, कार्यों की प्रकृति और गुणवत्ता का सटीक आंकड़ा विभाग के पास उपलब्ध हो।
अपेक्षित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं करने वाली एजेंसियों पर विभाग कड़ी कार्रवाई भी करेगा। शहरीकरण राज्य के विकास के लिए बेहद अहम है, इसलिए शहरी सुविधाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। |
|