तहसील नवाबगंज के 34 गांव और बहेड़ी के 34 गांवों का किया जाएगा अधिग्रहण। सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, बरेली। उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए 700 किमी का गोरखपुर-शामली ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेस वे बनाया जाना है। यह बरेली जिले की दो तहसीलों से होकर गुजरेगा, जिसके लिए 68 गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस वे बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण कराने को काला (कंपिटेंट एथारिटी फार लैंड एक्यूजिशन) चयन की प्रक्रिया चल रही है। यह बरेली मंडल के तीन जिलों बरेली, शाहजहांपुर और पीलीभीत से होकर गुजरेगा। तीनों जिलों में भूमि अधिग्रहण कराने की जिम्मेदारी एडीएम को दी गई है, जबकि लखीमपुर में यह कार्य एसडीएम को सौंपा गया है।
लखनऊ और दिल्ली के मध्य में होने से कारोबार की दृष्टि से महत्वपूर्ण नाथ नगरी का उत्तराखंड से भी सीधा जुड़ाव है। गोरखपुर-शामली ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे पूरब से पश्चिम तक सड़क मार्ग से आवागमन को और आसान कर देगा।
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बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और लखीमपुर जिले में एनएचएआइ ने आरंभिक सर्वे कराकर कराकर काला का चयन करने के लिए जिला प्रशासन को सूची भेजी थी। गोरखपुर से बस्ती, अयोध्या, लखनऊ, सीतापुर, लखीमपुर से पीलीभीत में बीसलपुर, शाजहांपुर में पुवायां होते हुए बरेली के नवाबगंज और बहेड़ी तहसील क्षेत्र के गांवों से होते हुए रामपुर, मुरादाबाद, सहारनपुर, मेरठ होते हुए शामली तक पहुंचेगा।
विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी देश दीपक सिंह का कहना है कि गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस वे बरेली की दो तहसील नवाबगंज और बहेड़ी से होकर निकलेगा। इसमें नवाबगंज के 34 और बहेड़ी के 34 गांव आ रहे हैं, जहां की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। फिलहाल प्रक्रिया शुरुआती स्तर पर है। काला तय होने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। |