अंबाला: निकिता की मौत के बाद बेबस परिवार। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, अंबाला। एक सड़क हादसे ने करतार नगर निवासी 24 वर्षीय निकिता की जिंदगी छीन ली, लेकिन उसके परिवार की पीड़ा यहीं खत्म नहीं हुई। नशे में धुत्त पुलिसकर्मी की कार की टक्कर से हुई मौत के बाद अब निकिता का पर्स भी रहस्यमय ढंग से गायब हो गया है। शोक में डूबे परिवार के लिए यह नई चोट किसी सदमे से कम नहीं।
परिजनों के अनुसार, हादसे के बाद जब निकिता को जिला नागरिक अस्पताल ले जाया जा रहा था, तब उसका पर्स उसी आटो में रख दिया गया था। उस वक्त अफरा-तफरी और घबराहट में किसी का ध्यान उस पर नहीं गया। बाद में जब परिवार ने सामान संभालना चाहा तो पर्स गायब मिला।
निकिता के भाई मयंक ने बताया कि पर्स में नकदी के अलावा मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम व क्रेडिट कार्ड सहित कई जरूरी दस्तावेज थे। गुरुग्राम की एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत निकिता के दफ्तर से जुड़े कागजात भी उसी बैग में रखे थे।
मयंक ने भावुक अपील करते हुए कहा कि जिसे भी पर्स मिला हो, वह रुपये और मोबाइल रख ले, लेकिन दस्तावेज लौटा दे। मयंक ने बताया कि एक दिन पहले तक निकिता के मोबाइल फोन पर घंटी बज रही थी लेकिन अब उसका मोबाइल स्विच आफ आ रहा है।
पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं स्वजन, सीएम से लगाएंगे गुहार
दूसरी ओर, परिवार का आक्रोश इस बात को लेकर भी है कि आरोपित पुलिसकर्मी पर हल्की धाराएं लगाई गईं, जिससे उसे तुरंत जमानत मिल गई। परिजनों का आरोप है कि एफआइआर में यह तक दर्ज नहीं किया गया कि आरोपित पुलिस विभाग में हेड कांस्टेबल है।
परिवार का कहना है कि वे मेडिकल रिपोर्ट की प्रति लेने थाने भी गए, लेकिन उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई। इससे उनके मन में संदेह और बढ़ गया है। स्वजन अब मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मामले में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग करने की तैयारी में हैं।
निकिता के घर में मातम है, लेकिन सवाल भी हैं क्या न्याय की राह भी इतनी ही कठिन होगी। हादसे की चोट के साथ अब खोए हुए पर्स की टीस परिवार को हर दिन याद दिला रही है कि उनका दुख अभी खत्म नहीं हुआ। |