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देहरादून पांच मर्डर के बाद एक्शन मोड में पुलिस, 14 फरवरी से चलेगा 15 दिन का वेरिफिकेशन अभियान

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राजपुर रोड में हुए हत्याकांड को लेकर पत्रकारों से वार्ता करते आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप। जागरण



जागरण संवाददाता, देहरादून। गैंग्स्टर होने के बावजूद स्टोन क्रशर व जमीन खरीद फरोख्त में धंधे से जुड़े विक्रम शर्मा की हत्या के बाद पुलिस अब सख्ती के मूड़ में है।

पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप ने सभी जिलों के एसएसपी व एसपी को निर्देशित किया है कि प्रापर्टी डीलिंग, खनन व भवन निर्माण के कारोबार से जुड़े व्यक्तियों का सत्यापन किया जाए।

सत्यापन के दौरान उनकी पूरी हिस्ट्री खंगालें, यदि कोई संदिग्ध मिलता है तो उसकी गहनता से जांच करवाएं, ताकि आपराधिक प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों की समय पर पहचान हो सके।

आइजी गढ़वाल के अनुसार संज्ञान में आया है कि कई आपराधिक प्रवृति के व्यक्ति विभिन्न जगहों पर प्रापर्टी डीलिंग, भवन निर्माण व अन्य व्यवसाय कर रहे हैं, जिनके आपराधिक इतिहास की जानकारी स्थानीय पुलिस को नहीं है, जोकि काफी गंभीर विषय है।

समय-समय पर पुलिस सत्यापन के लिए दिशा निर्देश दिए जाने के बावजूद भी सत्यापन की कार्रवाई सही प्रकार से नहीं की जा रही है। मात्र खानापूर्ति के लिए सत्यापन किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम को देखते हुए प्रापर्टी डीलिंग, खनन व्यवसाय, भवन निर्माण आदि व्यवसायों में कार्य करने वाले सभी व्यक्तियों का सत्यापन किया जाना आवश्यक है।

आइजी ने निर्देशित किया है कि अपने-अपने जनपदों में प्रापर्टी डीलिंग, भवन निर्माण एवं खनन आदि में कार्य करने वाले सभी व्यक्तियों का सत्यापन किए जाने के लिए 14 फरवरी से 15 दिवसीय अभियान चलाएं, जिसकी साप्ताहिक सूचना प्रारूप में प्रत्येक सप्ताह परिक्षेत्रीय कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
थानाध्यक्ष व सीओ की जिम्मेदारी होगी तय

पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप ने कहा कि भविष्य में यदि किसी क्षेत्र में इस तरह की आपराधिक घटना होती है तो इसमें थानाध्यक्ष व सीओ की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने बताया कि 15 दिनों में अचानक आपराधिक घटनाओं में तेजी आई है, इसकी भी जांच की जा रही है।

बताया कि आपसी रंजिश में गैंग्स्टर की हत्या हुई है। शूटरों के बारे में काफी जानकारी हाथ लगी है। एक टीम झारखंड भी भेजी गई है। शूटर प्रोफेशनल थे, प्राथमिक जांच में सामने आया है कि उन्होंने 09 एमएम पिस्टल से फायर झोंके हैं। इसके अलावा गैंग्स्टर विक्रम शर्मा के पास जो पिस्टल था, वह लाइसेंसी था या नहीं, इसकी भी जांच करवाई जा रही है।

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