search

महाशिवरात्रि : स्वामी आगमानंद ने बताया- शिव और पार्वती पूजन का महत्व, जानिए रुद्राभिषेक और तांडव से जुड़े रहस्य

cy520520 1 hour(s) ago views 240
  

महाशिवरात्रि : स्‍वामी आगमानंद ने श‍िव-पार्वती के रहस्‍यों के बारे में बताया।  



ड‍िज‍िटल डेस्‍क, भागलपुर। महाशिवरात्रि : श्री शिवशक्ति योगपीठ नवगछिया के पीठाधीश्वर और श्री उत्तरतोताद्रि मठ विभीषणकुंड अयोध्या के उत्तराधिकारी जगद्गुरु रामानुजाचार्ज श्री रामचंद्राचार्य परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज से जब महाशिवरात्रि पर कई प्रश्न पूछे गए, तो उन्होंने सभी का विस्तृत उत्तर दिया।

स्वामी आगमानंद जी महाराज ने बताया कि महाशिवरात्रि वह पावन दिन है जब भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य मिलन हुआ। इसे शिव और शक्ति के अद्भुत संयोग का प्रतीक माना जाता है। इस दिन शिव ने तांडव नृत्य किया, जो सृजन, स्थिति और संहार का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि और ज्योतिर्लिंग का गहरा संबंध है, क्योंकि शिव पहली बार अनादि और अनंत ज्योतिर्लिंग रूप में प्रकट हुए। इस दिन समुद्र मंथन से निकले विष ‘हलाहल’ का पान भी भगवान शिव ने कर दुनिया को संकट से बचाया।

स्वामी जी ने बताया कि पूजा में शिव परिवार—भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश, कार्तिकेय व नंदी महाराज— का आदर विशेष महत्व रखता है। भक्त निशिता काल में रुद्राभिषेक, पंचामृत, पुष्प और दीप से पूजा कर सकते हैं। श्रद्धा और भक्ति भाव से किया गया यह पूजन जीवन में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक शांति लाता है।
महाशिवरात्रि: सवाल और जवाब

सवाल: महाशिवरात्रि होती क्या है?
जवाब: इसे शिव और शक्ति के दिव्य मिलन का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था।

सवाल: महाशिवरात्रि को तांडव की रात क्यों कहते हैं?
जवाब: मान्यताओं के अनुसार, इसी रात्रि को भगवान शिव ने अपना दिव्य और ब्रह्मांडीय नृत्य \“तांडव\“ किया था।

सवाल: तांडव नृत्य किस चीज़ का प्रतीक है?
जवाब: तांडव ब्रह्मांड के निरंतर चलने वाले चक्र—सृजन (Creation), स्थिति (Preservation) और संहार (Destruction) का प्रतीक है।

सवाल: महाशिवरात्रि और ज्योतिर्लिंग का क्या संबंध है?
जवाब: महाशिवरात्रि वह पवित्र तिथि है जब भगवान शिव पहली बार अनादि और अनंत ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे।

सवाल: भगवान शिव की पूजा के लिए कौन सा समय सबसे उत्तम माना जाता है?
जवाब: निशिता काल (मध्यरात्रि) सबसे उत्तम माना जाता है, क्योंकि कहते हैं कि भगवान शिव पृथ्वी पर इसी समय प्रकट हुए थे।

सवाल: समुद्र मंथन और महाशिवरात्रि का क्या संबंध है?
जवाब: जब समुद्र मंथन से \“हलाहल\“ विष निकला था, तो संसार को बचाने के लिए महाशिवरात्रि वाले दिन ही भगवान शिव ने इस विष का पान किया था।

सवाल: समुद्र मंथन कहां हुआ था?
जवाब: आज के समय में बिहार के बांका जिले में मंदार पर्वत माना जाता है। स्थानीय लोग इसे समुद्र मंथन स्थल मानते हैं।

सवाल: शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में क्या अंतर है?
जवाब: शिवरात्रि (मासिक शिवरात्रि) हर महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को आती है, जबकि महाशिवरात्रि साल में केवल एक बार फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है।

सवाल: महाशिवरात्रि में माता पार्वती का क्या स्थान है?
जवाब: माता पार्वती के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। सुहागन महिलाएं माता पार्वती को सिंदूर, चूड़ी और बिंदी चढ़ाकर पूजा करती हैं, जबकि अविवाहित महिलाएं अच्छे वर के लिए व्रत रखती हैं।

सवाल: महाशिवरात्रि का कैलाश पर्वत से क्या संबंध है?
जवाब: योगिक परंपराओं में माना जाता है कि भगवान शिव \“आदि गुरु\“ थे, जिन्होंने सैकड़ों शताब्दी ध्यान करने के बाद ज्ञान प्राप्त किया और कैलाश पर्वत को अपना निवास स्थान बनाया। कहते हैं वह दिन महाशिवरात्रि का था।
like (0)
cy520520Forum Veteran

Post a reply

loginto write comments
cy520520

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
157070