किदवई नगर में ऑटो चालक के हमले में घायल प्रीति, पलक और रानी
जागरण संवाददाता, कानपुर। अब बाइक सवारों के साथ ही ऑटो चालक भी स्टंटबाजी कर लोगों की जान खतरे में डाल रहे हैं और विरोध करने पर अपराधी की तरह हमला तक कर देते हैं। ऐसा ही मामला किदवई नगर में हुआ, जहां स्टंटबाजी कर रहे नशे में धुत ऑटो चालक का विरोध करना महिलाओं को भारी पड़ गया।
ऑटो चालक ने साथियों के साथ मिलकर ब्लेड से हमला कर दिया, जिसमें मां-बेटी समेत पांच लोगों को गंभीर चोटें आईं। खास बात ये है कि घटना जूही थाने के सामने हुई। आरोप है कि जूही पुलिस ने मदद न करके घटनास्थल किदवई नगर थाने का बता टरका दिया।
यूपी 112 पर कॉल करने के एक घंटे बाद पुलिस पहुंची लेकिन उससे पहले आरोपित आटो लेकर भाग चुके थे। किदवई नगर पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर दो नामजद व 10 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज करके ऑटो चालक को गिरफ्तार करके शुक्रवार को जेल भेज दिया।
किदवई नगर के एन ब्लॉक कच्ची बस्ती निवासी रानी के मुताबिक गुरुवार शाम वह बेटी पलक, गौशाला निवासी बड़ी बहन राधा और किदवई नगर में रहने वाली छोटी बहन प्रीति और उसके पति गौरव के साथ बाजार जाने के लिए निकली थीं। जूही थाने के सामने गली से मुख्य मार्ग पर निकलते समय विपरीत दिशा से स्टंट करते हुए आ रहे ऑटो से सभी बाल-बाल बचे।
कुछ दूर जाकर ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। विरोध जताने पर बस्ती निवासी ऑटो चालक आदिल, उसके साथी दिशांत व एक अन्य युवक ने गाली गलौज शुरू कर दी। सभी शराब के नशे में थे। गौरव ने विरोध किया तो आरोपितों ने मारपीट शुरू कर दी। बीचबचाव करने आदिल ने ब्लेड से हमला कर दिया, जिससे रानी के गाल पर गहरा घाव हुआ, जिसमें 25 टांके लगे।
प्रीति के गाल पर वार से 10 टांके आए। पलक की बाएं हाथ की कलाई पर भी चोट आई। हंगामा बढ़ने पर आरोपित पक्ष की महिलाएं भी पहुंच गईं और मारपीट करने लगीं। बड़ी बहन राधा की अंगुलियों में काट लिया। बाद में उनके पक्ष से लोग पहुंचे तो मामला शांत हुआ।
किदवई नगर थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार राम ने बताया कि महिला की तहरीर पर आदिल और दिशांत समेत 12 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आदिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।
वहीं जूही थाना प्रभारी केके पटेल का कहना है कि महिला के आरोप निराधार हैं। जानकारी होते ही मौके पर पहुंचे थे और तुरंत किदवई नगर थाना पुलिस को सूचना दी थी।
ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की अराजकता पर अंकुश नहीं
बारादेवी चौराहा और उसके आसपास ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की अराजकता दिनभर देखी जा सकती है। बीच सड़क पर खड़े होकर सवारियां भरते हैं और जहां मनचाहा रोक कर खड़े रहते हैं। उनकी अराजकता के आगे चौराहे पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी मूकदर्शक बने खड़े रहते हैं। कई बार इनकी अराजकता को उजागर किया जा चुका है लेकिन इन पर आज तक अंकुश नहीं लग सका है।
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